दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का 98 साल की उम्र में आज सुबह 7 .30 मिनिट पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया उन्होने हिंदुजा अस्पताल में आखिरी सांस ली. दिलीप कुमार के बेहतरीन अदाकारी के दम उनके नामपद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान है. पूरे देश में शोक की लहर है.
अभिनेता दिलीप कुमार के निधन खबर सुनकर पीएम मोदी ने संवेदना व्यक्त की है. पीएम ने दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो को फोन करके ढांढस बंधाया.पीएम ने ट्वीट किया कि दिलीप कुमार को सिनेमा के लीजेंड के रूप में हमेशा याद किया जाएगा. वह अद्वितीय प्रतिभा के धनी थे. इसी कारण कई पीढ़ियों के दर्शक उन्हें देख मंत्रमुग्ध रहते थे. उनका जाना हमारी सांस्कृतिक दुनिया के लिए एक क्षित है. उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना. श्रद्धांजलि.
दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 में हुआ था.वे एक ऐसे अभिनेता थे जिनके लोग ही फैन नहीं थे, खुद पूरा बॉलीवुड उनका फैन था.उन्हें हिंदी सिनेमा के पहले ख़ान के नाम से भी जाना जाता है. उन्होने अपने एक्टिंग की शुरुआत साल 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से की थी. हिंदी सिनेमा में मेथड एक्टिंग का श्रेय दिलीप साहब को ही दिया जाता है.
दिलीप कुमार के अभिनय के उनकी शख्सियत के कई किस्से हैं, जो उन्हें कई दूसरे अभिनेताओं से अलग बनाते हैं. उन्हें कई बेहतरीन अवॉर्डों से नवाज़ा गया था. उन्होंने अंदाज़, आन, दाग, देवदास, आज़ाद, मुगल ए आज़म, गंगा जमुना, राम और श्याम जैसी फिल्में कीं. 1976 में उन्होंने पांच साल का ब्रेक भी लिया था. फिर उन्होंने फिल्म क्रांति से वापसी की और उसके बाद शक्ति, मसाल, करमा, सौदागर जैसी फिल्मों में एक बार अपने अभिनय की छाप छोड़ी. उनकी आख़िरी फ़िल्म किला थी.
Dilip Kumar Ji will be remembered as a cinematic legend. He was blessed with unparalleled brilliance, due to which audiences across generations were enthralled. His passing away is a loss to our cultural world. Condolences to his family, friends and innumerable admirers. RIP.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 7, 2021