“ग्रांडमास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज” (Grandmaster Shifuji) एक ऐसा नाम जिसे सुनकर भारत के करोड़ों युवाओं और देशभक्तों को सबसे पहले “इंक़लाब ज़िंदाबाद ,भारत माँ की जय, जय हिंद, वन्दे मातरम” का नारा और एक ऊर्जावान क्रांतिकारी आवाज़ जो हमेशा सच के साथ पार्टीवाद- राजनीति से हटकर देश के ग़द्दारों के ख़िलाफ़ गरजता हुआ एक बेबाक़,निडर,निर्भीक इंसान याद आता है।भारत के करोड़ों युवा ग्रांडमास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज को अपना आदर्श और अपना गुरु मानते हैं।
ग्रांडमास्टर शिफूजी की फ़र्ज़ी विडिओ क्लिप बनाने वाले और फैलाने वालों का पर्दाफ़ाश ।पाकिस्तान के चिरकुट हैकर्ज़ का था ये ना-पाक काम । “इंडीयन कट्टर देशभक्त साइबर एक्स्पर्ट्स की टीम के अनुसार १७ सेकंड और १ मिनट के २ फ़र्ज़ी विडिओ 30 जून को सबसे पहले पाकिस्तान के IP ऐड्रेस 27.54.120.7356.76 “पेशावर शहर के मुजावर फ़र्नीचर बाज़ार के वालीहा मटन शाप के ऊपर वाले के॰जी॰एन साइबर कैफ़े” से आधी-रात 2:17 मिनट पर और उसके बाद पाकिस्तान के मरदान,मिंगोरा जिलों से उसी समय लगभग ७० हज़ार ग्रुप में बल्क में इंटर्नेट और वाट्स एप पर अधिकतर राजपूतों को बहकाने के लिए, री-एडिट करके, उसके साथ ख़ुद को राजपूत ग्रुप का आदमी बताते हुए, ग्रांडमास्टर शिफूजी के ख़िलाफ़ एक विवादित और भड़काऊ संदेश बनाकर उसे इन ग्रुप्स में पाकिस्तान से शेयर किया गया। सबसे ज़्यादा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू, हरियाणा जैसे राजपूत बाहुल्य राज्यों में सुनियोजित तरीक़े से फैलाया गया। इस पूरी साज़िश के पीछे पाकिस्तान की एजेन्सी ISI का हाथ नहीं बल्कि पूरा सर,पैर और धड़ भी है, क्योंकि ये साइबर कैफ़े जाना जाता है, क्योंकि ये भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादियों के रिकरूटमेंट का सेंटर है।
ये तो थी पाकिस्तान कि कहानी लेकिन भारत में क़ानून के ज्ञाताओं के अनुसार जिसने ग्रांडमास्टर शिफूजी के असल वीडेओ को जानबूझकर फैलाया है वह व्यक्ति पक्का ही जेल जाएगा, और एक बात और सामने आयी है की जिस व्यक्ति ने भारत में यह वीडेओ मुज़फ़्फ़राबाद से सबसे अधिक फैलाया (फैलाने वाले का नाम गोपनीय रखा गया है) उसे जल्द ही पूरा बेनक़ाब किया जाएगा, वो भी उसके अड्डे के पते के साथ।
यह मुज़फ़र्राबाद वाला दोगला व्यक्ति भारत में राजपूतों का सबसे बड़ा दुश्मन है,और चाहता था की राजपूतों के इतिहास के बारे में बताने वाली सबसे बड़ी आवाज़ ग्रांडमास्टर शिफूजी को राजपूतों की वीरगाथा और सम्मान की बातें करने से रोका जाए। यह मुद्दा असल में एक सामान्य वीडेओ की क्लिप से बहुत बड़ा है, असल में इंटर्नेट पर राजपूतों के बारे में सबसे अच्छा,बुलंद बोलने वाली आवाज़ ग्रांडमास्टर शिफूजी की है। यह पूरा षड्यंत्र असल में राजपूतों और राजपूतों के बाक़ी विरोधियों को आपस में भिड़ाने और असल ज़मीनी मुद्दों से भटकाने की सुनियोजित संरचना और एक नापाक साज़िश थी। यह बात इतने दावे के साथ इसलिए कही जा सकती है क्योंकि पाकिस्तान ने यही हरकत और तरीक़ा बंगाल,मज़्ज़फ़रनगर, दिल्ली,बैंगलोर,महाराष्ट्र में दंगों के पहले और भारत के कई अन्य राज्यों में भी अपनाया था। इन सभी में एक बात सामान्य (COMMON) है कि इन सभी दंगों में फैलाए गए उन्माद और भड़काऊ वीडेओ क्लिप्स और वट्स एप फैलाने वालों के साथ हमेशा एक नाम जुड़ा है, और वो है “पेशावर पाकिस्तान वाला यही के॰जी॰एन साइबर कैफ़े”।सूत्रों के अनुसार, सभी उच्च स्तरीय समबंधित विभागों के पास यह पूरी जानकारी आधिकारिक तरीक़े से पहुँचायी जा रही है, और यह भी जानकारी मिली है कि ग्रांडमास्टर शिफूजी के वकीलों द्वारा समबंधित IT ऐक्ट, साइबर क्राइम और अंतर्रष्ट्रिय क़ानून के सेक्शंस भी खंगाले जा रहे हैं। अब २००० करोड़ का मान हानि का मुकदमा चलेगा उन लोगों पर जिन्होंने जानबूझकर राजपूत भाइयों और बहनों को इंटेरनेट पर भड़काया और सभी आदरणीय राजपूत संगठनों को देश हित के कार्य से हटाकर राजपूतों के शुभचिंतक(मास्टर शिफूजी) के विरोध करने के लिए गुमराह किया, और ऐसा करके राजपूतों को ही गुमराह और अपमानित भी किया। ग्रांडमास्टर शिफूजी के क़रीबी मित्र के अनुसार सप्रीम कोर्ट के वरिस्ठ वक़ील ग्रांडमास्टर शिफूजी का ये 2000 करोड़ की मानहानि का केस और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इंटर्नैशनल कोर्टस में भी लड़ेंगे ।
क्या है ग्रांडमास्टर शिफूजी के दोगलिस्तान वाले वीडेओ के वाइरल होने के बाद विवाद,
कौन कर रहा गुमराह ? क्या है पूरा मामला, विवाद और सच्चाई?
दिनांक 28 जून को Youtube पर मिशन प्रहार 999 चेनल पर एक नया विडीओ https://www.youtube.com/watch?v=GPioOyv4gGc पोस्ट किया गया, जिसमें कि ग्रांडमास्टर शिफूजी ने अपने देश में रह रहे, देश को भीतर से खोखला कर रहे लोगों को बहुत अच्छे तरीक़े से लताड़ा है।
जब “कट्टर राष्ट्रभक्त ग्रूप” नामक फ़ैक्ट चेकर फ़्रीलैन्स डिजिटल अनालिसिस संस्था ने पूरा डिजिटल रीसर्च किया, तो ये सामने आया की इस वीडेओ में सीधे अक्षरों में उन लोगों पर निशान साधा है, जो लोगों को हिंदू-मुस्लिम या जात-पात में बाँटते हैं। जिस पर बग़ैर सोचे समझे बवाल मचाया गया। और एक रणनीति के तहत कुछ अपने आपको युवाओं के ह्रदय शिरोमणि बताने वाले, पुलिस को नंगा करके आग लगाने की बात करने वाले ऐसे 1-2 अवतरित महानुभावों के द्वारा। जबकि “ग्रांडमास्टर शिफूजी के आफ़िशल स्टेट्मेंट, जिसमें बाक़ायदा राजपूत भाइयों और वीर योद्धाओं के सम्मान की भी बात और पूरे मुद्दे पर विवरण दिया जा चुका था, तो फिर क्यों बग़ैर सर पैर का मुद्दा बनाया गया?
निंदनीय और चौकाने वाली करतूत ये थी कि 1-2 युवाओं ने (जो लोकल पत्रकार सूत्रों के अनुसार अभी शायद देह व्यापार ,बलात्कार के बाद एक 7 वर्ष की बच्ची की हत्या के आरोपों के बाद शायद ज़मानत पर जेल से आए हैं, ) उन्होंने ग्रांडमास्टर शिफूजी की माँ, बहन, बेटी के सार्वजनिक बलात्कार की धमकी दी है, और ग्रांडमास्टर शिफूजी का तलवार से सर काटने की बात कही है।
क्या आप ऐसे लोगों का समर्थन करेंगे ?
सोचिए ये वही ग्रांडमास्टर शिफूजी हैं जिन्होंने हम सभी की 40 लाख बहन-बेटियों को फ़्री में गाँव-गाँव जाकर आत्म रक्षा सिखायी है पिछले २२ वर्षों से उनके मिशन प्रहार के माध्यम से ?
हमने कम से कम ४० बार वीडेओ सुना और उस वीडेओ को दोगलों के ख़िलाफ़ पाया, ना की किसी भी “राजपूत भाई बहन, योद्धा या किसी राजा और उनके पूतों के ख़िलाफ़”।
क्या ग्रांडमास्टर शिफूजी ने सफ़ाई दी, माफ़ी माँगी?
ग्रांडमास्टर शिफूजी ने अपने एक PSO शेख़ वसीम, उसे यह उत्तर दिया था पर्सनल चैट पर, जो की किसी भी व्यक्ति को मदद करेगा ये समझने में की ग्रांडमास्टर शिफूजी का क्या पक्ष है, और असल में ग्रांडमास्टर शिफूजी की क्या सोच है राजपूतों के बारे में- ग्रांडमास्टर शिफूजी द्वारा दिया गया उत्तर –
निष्कर्ष- हम इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि वीडेओ में ऐसी कोई बात कही नहीं कही गई जिस पर इतनी विपरीत प्रतिक्रिया की जाए, असल में ये अति उत्साहित बुद्धिजीवियों की समझ की बहुत बड़ी विडंबना है कि बग़ैर समझे, बग़ैर जाने ही ये बस कूद पड़ते हैं। ग्रांडमास्टर शिफूजी ने हर बार, बार बार अपने विडीओज़ में, पब्लिक स्पीचेज़ में कहा है कि हमें अपने देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए कहना होगा की हम सब सबसे पहले हिंदुस्तान है, लेकिन ऐसे में राजनीतिक दलों और माफ़ीयाओं की दुकान बंद हो जाएँगी। लेकिन अगर फिर भी कोई नहीं समझता तो रहिए सब अपने हाल पर, और लड़ते रहिए आपस में, जिसका फ़ायदा आपके दुश्मन देश ने उठाते रहेंगे।एक बात की अंत में, हम तारीफ़ करेंगे की ग्रांडमास्टर शिफूजी ने इस मुद्दे पर सभी को अपना मानते हुए शांतिपूर्ण तरेके से समझाया है, वरना न हमें उनकी शारीरिक क्षमता पर शंका है न उनकी ऑनलाइन किसी की ऐसी तैसी करने पर।