ब्रिटेन में किरायेदारों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लंदन शहर में आम तौर पर एक कमरे का किराया 900 पाउंड से ऊपर पहुंच गया है। रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद छात्रों और कारोबारियों के शहरों में बड़ी संख्या में लौटने के कारण मकान किराये में तेज उछाल आया है। लंदन में एक कमरे के आवास का औसत मासिक किराया (तमाम बिल समेत) बीते अक्तूबर में 933 पाउंड था। यह महामारी के पहले के समय की तुलना में 17 फीसदी ज्यादा है।
किराये के कारोबार से जुड़ी कंपनी स्पेयर-रूम के संचार निदेशक मैट हचिंसन ने अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन से बातचीत में कहा कि लंदन में हाल के महीनों में बाहर से आने वाले छात्रों, नौजवानों और विदेशी कर्मियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। बीते सितंबर में हालत यह थी कि स्पेयर-रूम पर लिस्टेड हर कमरे के लिए नौ संभावित किरायेदार मौजूद थे। हचिंसन ने कहा- ‘बाजार की आज जैसी हालत है, वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा था। अगर किसी ने कोई कमरा किराये पर लगाने का इश्तेहार दिया, तो संभावना है कि उसके पास सैकड़ों जवाब आएंगे। अभी तो मकान मालिक का जवाब या किसी एजेंट का समय पाना भी एक संघर्ष हो गया है।
पूरे ब्रिटेन में किरायेदारों को रहने की जगह पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। ज्यादातर जगहों पर कमरा पाने के लिए किरायेदारों को कई महीनों का एडवांस किराया देना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक समस्या की असली वजह यह है कि जितने कमरे उपलब्ध हैं, उससे अधिक किरायेदार बाजार में आ गए हैं। रियल एस्टेट एजेंसी लीफ एंड को. के संस्थापक जेरमी लीफ ने सीएनएन को बताया कि इस महीने साल भर पहले की तुलना में 40 फीसदी कम मकान मालिकों ने इश्तहार दिया। इसका कारण यह है कि बहुत से मकान मालिक अपने मकान को अब किराये पर नहीं लगा रहे हैं। इसका कारण संभवतया यह है कि किराये पर लगाने में अब पहले जैसा मुनाफा नहीं रह गया है।
साल 2016 के बाद से ब्रिटिश सरकार ने दूसरे मकान की खरीद पर टैक्स बढ़ा रखा है। मकान कर्ज चुकाने के बाद पहले जो टैक्स छूट मिलती थी, उसे भी वापस लिया जा चुका है। ऐसे में मकान में निवेश करने वालों की संख्या घटी है। उसका नतीजा किराये के लिए कमरों की कम उपलब्धता में सामने आया है।
लंदन में मकान किराया बीते सितंबर में रिकॉर्ड सीमा तक पहुंच गया था। उसके बाद उसमें कुछ गिरावट आई। लेकिन अब जानकारों का कहना है कि फिर से इसमें बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। लीफ ने कहा- ‘किराये फिर से ऊपर जा रह हैं।’ दो बेडरूम के अपार्टमेंट का औसत किराया पिछले महीने 2,226 पाउंड था। यह फरवरी 2020 की तुलना में फीसदी अधिक था। अब जानकारों का कहना है कि अगले साल की शुरुआत में मौजूदा किराये में औसतन 5.5 फीसदी की और वृद्धि होगी। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ीं सैली विन्स ने सीएनएन से कहा कि किरायेदारों को कई तरह के समझौते करने पड़ रहे हैं। उन्हें खराब कंडीशन वाले ऐसे फ्लैट भी लेने पड़ रहे हैं, जिनमें सुविधाओं की कमी है