रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने गुरुवार को बताया की कानपुर की उनकी प्रयोगशाला में रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान ने काम वजन वाली बुलेटप्रूट जैकेट बनाई है जिसका वजन केवल 9 किलोग्राम है.यह बुलेटप्रूफ जैकेट भारतीय सेना के गुणवत्ता संबंधी की आवश्यक्ता को पूरी करने में मदद होगी. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने एक बयान में कहा कि फ्रंट हार्ड आर्मर पैनल’ जैकेट का चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक अनुसंधान प्रयोगशाला में फ्रंट हार्ड आर्मर पैनल’ जैकेट का में परीक्षण किया गया
Defence Materials and Stores Research and Development Establishment (DMSRDE), Kanpur a DRDO laboratory has developed Light Weight Bullet Proof Jacket (BPJ) weighing 9 kg meeting the qualitative requirements of the Indian Army: DRDO pic.twitter.com/0iIujbH0TL
— ANI (@ANI) April 1, 2021
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अनुसार इस महत्वपूर्ण विकास की अहमियत इस तथ्य में है कि जैकेट के वजन में प्रत्येक ग्राम की कमी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें वजन से राहत मिलेगी प्रौद्योगिकी के जरिए मीडियम आकर की बुलेटप्रूफ जैकेट का वजन 10.4 किलोग्राम से नौ किलोग्राम कर दिया गया है. प्रयोगशाला में विशेष प्रकार की सामान प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया गया. और भारतीय मानक ब्यूरो संबंधी मानक प्राप्त कर लिए गए.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के सैनिकों को लिए कम वजन की बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्माण करने पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और संबंधित उद्योग को बधाई दी. साथ हि DRDO के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने डीएमएसआरडीई की टीम को इस बुलेटप्रूफ जैकेट के विकास पर टीम को बधाई दी.