एक बड़े इस्लामी सम्मेलन में, जिसमें शिया और सुन्नी समुदाय के उलेमा शामिल हुए, उन्होंने कहा कि रिजवी को इस्लाम से खारिज किया जाता है और मुल्क के किसी क्रबिस्तान में दफन नहीं होने दिया जाएगा.
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी जनहित याचिका पर बवाल मच गया वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि कुरान शरीफ में से 26 आयतों को हटाया जाए.उनके अनुसार इन आयतों के कारण इंसान हिंसक होता जा रहा है और आतंकवाद के तरफ बढ़ रहा है. इन आयतों को कोट करके दुनिया के लोगो को आतंकी बनाए जाता है । ऐसा वसीम रिजवी का दावा है की इस्लामी का एक बड़ा सम्मेलन हुवा था. जिसमे शिया और सुन्नी समुदाय के उलेमा शामिल हुए,उन्होंने कहा की रिजवी को इस्लाम से बर्खास्त किया जाता है. साथ हि मुल्क के किसी भी क्रबिस्तान में दफन नहीं होने दिया जाएगा.ऐसी दरमियान देर रात लखनऊ के तालकटोरा की करबला में जहाँ पहले से हि रिजवी ने कब्र बुक कराई है इस कब्र को हयाती कब्र कहते हैं.कई मुस्लिम कब्रिस्तान या करबला अपने पसंद की जगह लेकर अपने नाम का पत्थर लगा देते हैं.फिर कब्र को रिप्लिका बना देते हैं,बाद में यहां दफनाया जाता है वसीम रिजवी ने ऐसा हि किया था पर किसी ने उनके कब्र के नाम का पत्थर को कुछ लोगों ने तोड़ दिया है.
वसीम रिजवी इस समय अंडरग्राउंड हैं. वसीम ने कहा कि मेरे परिवार ने मेरा साथ छोड़ दिया,भाई,पत्नी, बच्चों,ने मेरा साथ छोड़ दिया उनके भाई ने वीडियो जारी कर कहा की परिवार का वसीम से कोई संबंध नहीं वे इस्लाम विरोधी हो गए हैं वे नहीं आते,अब दो अहम पहलू कि क्या क्या सुप्रीम कोर्ट वसीम की याचिका को सुनवाई के लिए मंजूरी देगा और दूसरा पहलू हि की क्या कुरान शरीफ की 26 आयतें क्या सही में आतंकवाद सिखाती हैैं. सुप्रीम कोर्ट वासिम की याचिका को स्वीकार करना शक के दायरे में है .लगता है कि सुप्रीम कोर्ट इसे स्वीकार नहीं करेगा
इस्लाम में चार प्रकार के जिहाद का जिक्र है जिसमे इस्लाम में हमले की इजाजत नहीं,बल्कि बचाव के लिए हमले का ही जिक्र है.जहाँ वसीम के मकसद की बात है तो लोगों को कहना है कि मुस्लिमों को ‘हेट सिंबल’ बनाने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे समाज के धु्वीकरण को बढ़ाया जा सके जिन लोगों के साथ वे जुड़े हैं,उन्हें लाभ पहुंचाया जा सके.