रनवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला पल
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज सुबह एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने हजारों यात्रियों की सांसें अटका दीं। जानकारी के अनुसार, जब एयर इंडिया और इंडिगो के दो विमान अपने निर्धारित उड़ानों के लिए टैक्सीवे पर आगे बढ़ रहे थे, तभी उनके पंख (विग टिप्स) आपस में टकरा गए। यह घटना तब हुई जब एक विमान अपनी पार्किंग बे से निकलकर रनवे की ओर बढ़ रहा था और दूसरा विमान लैंडिंग के बाद गेट की तरफ आ रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विंग का कुछ हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया, जिससे पूरे एप्रन एरिया में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि विमानों की गति कम थी।
यात्रियों की सुरक्षा और तत्काल कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद दोनों विमानों के पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए इंजन बंद कर दिए और कंट्रोल टॉवर (ATC) को इसकी सूचना दी। विमानों में सवार कुल 300 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई है, लेकिन इस टक्कर ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत फायर टेंडर और मेडिकल टीम को मौके पर भेजा ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या आग लगने की स्थिति से निपटा जा सके। यात्रियों को टर्मिनल बिल्डिंग में वापस लाया गया और उनके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए।
तकनीकी जांच और डीजीसीए का कड़ा रुख
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। डीजीसीए की एक विशेष टीम मुंबई पहुंच रही है जो ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की जांच करेगी। शुरुआती जांच में इसे ‘ग्राउंड कोलिजन’ (जमीन पर टक्कर) की श्रेणी में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जाएगा कि क्या यह पायलट की गलती थी या फिर एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने गलत निर्देश दिए थे। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दोनों विमानों के पायलटों और संबंधित ग्राउंड स्टाफ को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
हवाई यातायात पर पड़ा गहरा असर
इस हादसे के कारण मुंबई एयरपोर्ट के मुख्य रनवे के पास का टैक्सीवे घंटों तक बाधित रहा। चूंकि मुंबई दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे हवाई अड्डों में से एक है, इसलिए इस घटना का असर अन्य उड़ानों पर भी पड़ा। लगभग 15 से 20 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा और कई उड़ानों ने 30 मिनट से लेकर 1 घंटे तक की देरी से उड़ान भरी। यात्री काफी परेशान नजर आए क्योंकि कई कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस हो गईं। एयरपोर्ट प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों के लिए अतिरिक्त रिफ्रेशमेंट और सहायता डेस्क की व्यवस्था की है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
विमानों को हुआ भारी नुकसान
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस टक्कर से दोनों विमानों के विंग स्ट्रक्चर को गंभीर नुकसान पहुंचा है। एयर इंडिया के विमान का विंगलेट पूरी तरह मुड़ गया है, जबकि इंडिगो के विमान के पंख में दरारें आई हैं। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, विंग्स में ही फ्यूल टैंक होते हैं, इसलिए यह टक्कर किसी बड़े विस्फोट का कारण भी बन सकती थी। अब इन विमानों को मरम्मत के लिए ‘हैंगर’ में भेजा गया है, जहाँ इंजीनियरों की टीम यह आकलन करेगी कि इन्हें दोबारा उड़ने लायक बनाने में कितना समय और खर्च लगेगा। इस मरम्मत में करोड़ों रुपयों का खर्च आने का अनुमान है।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
इस घटना ने भारतीय विमानन क्षेत्र में बढ़ते ‘ग्राउंड इंसिडेंट्स’ पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवाई अड्डों पर बढ़ते ट्रैफिक और दबाव के कारण कर्मचारी और पायलट अक्सर थकान या जल्दबाजी में चूक कर बैठते हैं। क्या टैक्सीवे पर पर्याप्त मार्किंग थी? क्या विंग-टिप गैप का सही अंदाजा नहीं लगाया गया? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब भविष्य की उड़ानों को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है। एयरलाइंस कंपनियों ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि वे सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी ताकि भविष्य में ऐसी भयावह स्थिति दोबारा न बने।