कर्तव्य पथ पर महिला शक्ति का ऐतिहासिक शंखनाद
भारतीय वायुसेना के इतिहास में इस साल का गणतंत्र दिवस एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। पहली बार वायुसेना के प्रसिद्ध मार्चिंग बैंड में महिला अग्निवीर शामिल होंगी। 75 सदस्यीय इस बैंड दल में कुल 66 अग्निवीर शामिल हैं, जिनमें 9 महिला अग्निवीर अपने वाद्ययंत्रों के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च करेंगी। इनमें से एक, 19 वर्षीय सुरभी शर्मा (मथुरा), जो सैक्सोफोन बजाती हैं, ने इसे अपने और देश के लिए एक गर्व का क्षण बताया है। यह कदम न केवल सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है, बल्कि ‘अग्निवीर’ योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं की क्षमता का भी प्रदर्शन करता है।
वायुसेना के दल और ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह विशेष रूप से ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित है। वायुसेना के 144 वायुसैनिकों के मार्चिंग दस्ते का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार करेंगे, जिनके साथ तीन सुपरन्यूमेरी अधिकारी—स्क्वाड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश मुरली—भी होंगे। बैंड दल ‘नडर योद्धा’, ‘वायु शक्ति’ और ‘सारे जहाँ से अच्छा’ जैसी मधुर और जोशीली धुनें बजाएगा। इसके अलावा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान सहयोग देकर इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनेंगी।
दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा और हाई अलर्ट
गणतंत्र दिवस की परेड को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया है। कर्तव्य पथ, इंडिया गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में करीब 20,000 जवान तैनात किए गए हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर आतंकी खतरों और आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए दिल्ली में ‘हाई अलर्ट’ जारी किया गया है। होटल, गेस्ट हाउस और किरायेदारों के सत्यापन के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले बाजारों में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
एआई (AI) तकनीक और स्मार्ट चश्मों से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस चश्मों का उपयोग कर रही है। इन चश्मों में लगे कैमरे रीयल-टाइम में संदिग्धों के चेहरे पहचान सकते हैं। पुलिस के डेटाबेस में मौजूद करीब 65,000 अपराधियों का डेटा इस सिस्टम से जुड़ा है। यदि कोई वांछित अपराधी हुलिया बदलकर भी भीड़ में शामिल होने की कोशिश करता है, तो यह चश्मा तुरंत पुलिसकर्मी को अलर्ट भेज देगा। इसके अतिरिक्त, पूरे इलाके में 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस हैं।
आसमान से ज़मीन तक सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
हवाई खतरों से निपटने के लिए दिल्ली के आसमान को ‘नो फ्लाई ज़ोन’ घोषित किया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। ऊँची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की तैनाती की गई है, जो हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखेंगी। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में लाल किले और मेट्रो स्टेशनों पर ‘मॉक ड्रिल’ भी की है ताकि आपातकालीन स्थिति में प्रतिक्रिया समय (Response Time) का आकलन किया जा सके। इसके साथ ही, वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘प्लग एंड प्ले’ बुलेटप्रूफ स्टेज तैयार किया गया है।
झांकियां और पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन
परेड में इस बार 17 राज्यों और 13 मंत्रालयों की कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें से कई ‘वंदे मातरम’ की थीम पर आधारित होंगी। सैन्य शक्ति के प्रदर्शन में इस बार भारत की धमक और भी तेज़ होगी क्योंकि पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल (1500 किमी मारक क्षमता) का प्रदर्शन किया जाएगा। फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान हिस्सा लेंगे, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को दर्शाती विशेष फॉर्मेशन आकर्षण का केंद्र होगी। आम जनता के लिए ₹20 और ₹100 के टिकट उपलब्ध कराए गए हैं ताकि वे इस 90 मिनट के भव्य समारोह का आनंद ले सकें।