केमिकल भरे ,रंग से बचे

रंगो का त्यौहार यानि होली पास में है। हर साल जैसे होली खेलते समय सावधानी रखना जरुरी हैं। जैसे जैसे…
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रंगो का त्यौहार यानि होली पास में है। हर साल जैसे होली खेलते समय सावधानी रखना जरुरी हैं। जैसे जैसे होली करीब आने लगती हैं सभी स्कूल,कॉलेज, कार्यालय बंद होने लगते है और सभी अपने अपने घर के तरफ़ लौटने लगते हैं। इस त्यौहार को मानाने से एक दूसरे के प्रति प्यार पढ़ता हैं। यह त्यौहार खुशियों का त्यौहार हैं। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग लगते है इसी लिए इसे रंगो का त्यौहार भी कहा जाता है।

आजकल हमारे बीच इतने सारे केमिकल भरे रंग आ गए हैं कि पता ही नहीं चलता की कौन सा रंग अच्छा हैं और कौन सा रंग ख़राब है। केमिकल भरे रंग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल बड़े में मात्रा होने लगा हैं। ऐसे रंग से हमें हमेशा बचाना चाहिए क्योंकि ऐसे रंग हमारे त्वचा के लिए बहुत हानिकारक होते है। खास कर जो सस्ते में मिलने वाला चाइनीज रंग होता हैं उसका तो बिलकुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। लेकिन मार्केट में मिलने वाले केमिकल भरे रंग आपको किसी ने लगा दिया या आप ही किसी और को लगा दिए तो जितना जल्दी हो सके इस रंग को साफ कर लेना चाहिए। ऐसे रंग को ज्याद देर तक अपने त्वचा पर लगा न रहने दे। कपड़ो और सिर से जितना सूखा रंग झार कर निकाल सकते हैं, निकल दे।

अपने त्वचा से रंग को साफ करने के लिए मिट्टी का तेल और केमिकल डिटर्जेंट या फिर कपड़े धोने वाले साबुन का बिलकुल भी इस्तेमाल न करे। बालो से रंग निकलने के लिए पहले बालो में जो सूखे रंग फसे हुये है उन्हें अच्छे से झार कर निकल ले। फिर बालों को सादे पानी से अच्छे से धोए। बेसन , दही, आंवले से भी सिर धो सकते हैं।

आप चाहे तो अपने घर पर खुद से रंग बनाकर होली खेले सकते है। जिसके लिए रंग कैसे बनते है जान लेते हैं।
पीला रंग : पीला रंग के लिए आप हल्दी पाउडर या फिर बेसन का इस्तेमाल कर सकते हैं जो पूरी तरह से प्राकृतिक हैं।
लाल रंग : लाला रंग के लिए चुंकदर के रस का इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे मिर्ची पाउडर का इस्तेमाल बिलकुल भी न करे।
हरा रंग : तुलसी के पते को पीस कर हरा रंग बना सकते हैं। लेकिन अफ़सोस हैं कि वर्तामान समय में वर्तमान समय में बहुत कम लोगों के पास तुलसी का पौधा हैं।
उजला रंग : उजला रंग के लिए आप गेहू के आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर आप दूध या दही का इस्तेमाल करे।
इस तरह से आप देशी रंग से होली खेल सकते हैं जितने भी रंग बनाने का प्राकृतिक तरिके बताया उन में किसी भी रंग का कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं। बल्कि ऐसे रंग लगाने से हमारे शरीर को बहुत फायदा होता हैं। तो याद रहे हमेशा देशी रंग का ही इस्तेमाल करे। और लोगो को भी ये बताये कि वे भी हमेशा देशी रंग का ही इस्तेमाल करे।

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