तुर्की में आज सुबह बेहद शक्तिशाली भूकंप आया है। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक, सुबह 4:17 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 आंकी गई। तुर्की के दक्षिण में गाजियानटेप के पास आया यह भूकंप कितना विनाशकारी था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 थी। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओ साइंस GFZ के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 18 किलोमीटर नीचे था। भूकंप से तुर्की के दक्षिण पूर्वी इलाके और सीरिया में भी भारी क्षति की खबरें हैं।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इरदुगान ने ट्वीट कर बताया कि भूकंप से प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान जारी है। तुर्की में कम से कम 6 बार तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इरदुगान ने लोगों से अपील कर कहा कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें।
दूसरी बार आया भूकंप-मध्य तुर्की में सोमवार तड़के 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद एक और तेज भूकंप आया। जानकारी के अनुसार पहले भूकंप के बाद करीब 10 मिनट बाद फिर 6.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक कई इमारतें इस शक्तिशाली भूकंप के कारण ध्वस्त हो गईं। सेन्लिउर्फा शहर के मेयर ने बताया कि शक्तिशाली भूकंप की वजह से 16 इमारतें भरभराकर गिर गईं।
तेज भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई है। भूकंप एक प्रमुख शहर और प्रांतीय राजधानी गजियांटेप से लगभग 33 किलोमीटर दूर केंद्रित था। यह नूर्दगी शहर से लगभग 26 किलोमीटर (16 मील) दूर था। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर था।
पीएम मोदी ने जताया शोक-पीएम नरेंद्र मोदी ने तुर्की में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में संदेश में कहा ‘तुर्की में आए भूकंप के कारण जनहानि और संपत्तियों को हुए नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। इस विपत्ति की घड़ी में भारत तुर्की के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है। इस भूकंप की त्रासदी से निपटने में हरसंभव मदद के लिए हम तैयार हैं।
Anguished by the loss of lives and damage of property due to the Earthquake in Turkey. Condolences to the bereaved families. May the injured recover soon. India stands in solidarity with the people of Turkey and is ready to offer all possible assistance to cope with this tragedy. https://t.co/vYYJWiEjDQ
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
पिछले सप्ताह तुर्की की सीमा के पास उत्तर-पश्चिम ईरान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आपातकालीन सेवाओं के प्रवक्ता मोज्तबा खालिदी ने सरकारी टेलीविजन को बताया, “खोय शहर में अब तक 122 लोग घायल हुए थे।
“7.8 की तीव्रता कितनी शक्तिशाली होती है, ऐसे समझिए
0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।”