राहुल गांधी ने भद्राचलम में आदिवासियों के साथ एक प्राचीन नृत्य रूप “कोम्मू कोया” में भाग लेते समय एक आदिवासी टोपी पहनी थी.उन्होंने क्लिप को कैप्शन दिया, “हमारे आदिवासी हमारी कालातीत संस्कृतियों और विविधता के भंडार हैं. कोम्मू कोया आदिवासी नर्तकियों के साथ कदम मिलाने का आनंद लिया. उनकी कला उनके मूल्यों को व्यक्त करती है, जिसे हमें सीखना और संरक्षित करना चाहिए.
भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. जिसका समापन अगले साल कश्मीर में होगा. कांग्रेस के दावे के मुताबिक यह भारत के इतिहास में किसी भी भारतीय राजनेता सबसे लंबा पैदल मार्च है. तमिलनाडु से हरी झंडी दिखाने के बाद यात्रा पहले ही केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों को कवर कर चुकी है. अब इस यात्रा का अगला चरण महाराष्ट्र में होगा.
भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी. जिसका समापन अगले साल कश्मीर में होगा. कांग्रेस के दावे के मुताबिक यह भारत के इतिहास में किसी भी भारतीय राजनेता सबसे लंबा पैदल मार्च है. तमिलनाडु से हरी झंडी दिखाने के बाद यात्रा पहले ही केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों को कवर कर चुकी है. अब इस यात्रा का अगला चरण महाराष्ट्र में होगा.
Our tribals are the repositories of our timeless cultures & diversity.
Enjoyed matching steps with the Kommu Koya tribal dancers. Their art expresses their values, which we must learn from and preserve. pic.twitter.com/CT9AykvyEY
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 29, 2022