फेमस अभिनेता सनी देओल का जन्म 19 अक्टूबर 1956 को अभिनेता धर्मेन्द्र के घर में हुआ था। इनकी माँ का नाम प्रकाश कौर हैं। सनी देओल ने अपने करियर शुरुआत साल 1984 में फिल्म बेताब से की थी। अभिनेता सनी देओल आज भी दर्शकों के बीच अपने डायलॉग्स की वजह से फेमस है। फिल्मों में अपने संवाद के जरीए वो दर्शकों के दिलों पर राज करते थे। ‘तारीख पर तारीख’ से लेकर ‘ढाई किलो का हाथ’ तक, आज भी सनी के ऐसे डायलॉग लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है।
सनी देओल आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी कई फिल्में ऐसी थी जिसमें इश्क की छौंक भी थी और एक्शन का मसाला भी। ‘गदर-एक प्रेम कथा’ इन्हीं फिल्मों में से एक थी। फिल्म में दो मुल्कों के नफरत के बीच पनपे प्यार को बखूबी तरीके से दर्शाया गया है। इस फिल्म में भी सनी देओल के डायलॉग (Sunny Deol Best Dialogues) कभी न भूलने वाले थे। आज भी उनके डायलॉग को दर्शकों की वाहवाही मिलती है। तो आज यहां पढ़िए सनी देओल के बेस्ट 10 डायलॉग्स।”
सनी देओल के आइकॉनिक डायलॉग्स
फिल्म ‘घातक’-ये मजदूर का हाथ है कात्या, लोहा पिघलाकर उसका आकार बदल देता है’
‘डरा के लोगों को वो जीता है जिसकी हडि्डयों में पानी भरा हो। इतना ही मर्द बनने का शौक है न कात्या, तो इन कुत्तों का सहारा लेना छोड़ दे’
गदर-एक प्रेम कथा’-अशरफ अली! आपका पाकिस्तान जिदाबाद है, इससे हमें कोई ऐतराज नहीं लेकिन हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद था और जिंदाबाद रहेगा! बस बहुत हो गया’
ये मुल्क है कोई खेत का टुकड़ा नहीं, जो यूं ही बंट जाएगा’
दामिनी’-जब यह ढाई किलो का हाथ किसी पे पड़ता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है’
तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख मिलती रही है लेकिन इंसाफ नहीं मिला माई लॉर्ड, इंसाफ नहीं मिला, मिली है तो सिर्फ ये तारीख'”
घायल- बहुत पछताओगे इंस्पेक्टर, अगर तुमने मुझे ज़िंदा छोड़ दिया तो
नरसिम्हा’- ‘क्या आप अपने बच्चों को एक ऐसा शहर विरासत में देना चाहते हैं जो गुंडे, बदमाश और खूनी चला रहे हों’
बॉर्डर’- ‘भैरों सिंह, आज मरने की बात की है, दोबारा मत करना. दुनिया की तारीख़ शाहिद है कि मरकर किसी ने लड़ाई नहीं जीती। लड़ाई जीती जाती है दुश्मन को खतम करके।’
जिद्दी -नहीं कुलकर्णी मैं तुमको यहां से जाने की इजाज़त नहीं दे सकता, मैं यहां ऊंचाई पर बैठा ज़रूर हूं, मगर इस कोर्ट के फैसले नीचे बैठे ये लोग करते हैं