अभिनेता गोविंदा आज 58 साल के हो गए हैं। उन्हें लोग हीरो नंबर के नाम से बुलाते है । गोविंदा अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते हैं। 90 के दशक में उन्होंने कई ऐसी कॉमेडी फिल्में कीं जो आज भी उनके फैंस को हंसने पर मजबूर कर देती हैं। फिर औ फिल्म ‘कुली नंबर 1’ हो या ‘हद कर दी आपने’, ऐसे कई सीन है जिन्हें आप आज भी देखकर हंस देंगे। गोविंदा का सफर किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं रहा। उन्होंने विरार में गरीबी भी देखी और आसमान में अपने नाम का परचम भी। 21 दिसंबर 1963 को गोविंदा का जन्म मुंबई में हुआ था।
गोविंदा के पिता अरुण कुमार अहूजा अपने दौर में एक मशहूर कलाकार थे। उन्होंने 30-40 फिल्मों में काम भी किया था। वहीं गोविंदा की मां निर्मला देवी शास्त्रीय गायिका थीं, जो फिल्मों में गाया करती थीं। गोविंदा कॉमर्स में ग्रेजुएट हैं और एक्टर बनने से पहले कई जगह नौकरी की तलाश कर रहे थे। 80 के दशक में पहले एलविन नाम की एक कंपनी का विज्ञापन मिला और इसके बाद वे फिर कभी नहीं रुके। साल 1986 में उनकी पहली फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई और वे बड़े पर्दे पर छा गए।
80 और 90 के दशक में उनका सितारा बुलंद था। वो जिस फिल्म को हाथ लगाते थे, वो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर हो जाती थी। वे गोविंदा ही थे जो अकेले तीनों खान को टक्कर देते थे। उस वक्त जो गोविंदा कर रहे थे वो न शाहरुख खान कर सकते थे न ही आमिर। सलमान की बॉडी और अक्षय कुमार का एक्शन भी गोविंदा के सामने फीका पड़ गया था।
21 साल की उम्र में जिस लड़के को कोई नहीं जानता था, 22 साल की उम्र में वह 50 फिल्में साइन कर चुका था। गोविंदा ने अपनी फिल्मी करियर में 165 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। साथ ही कई अवॉर्ड भी अपने नाम किए हैं।
थिएटरों के बाहर लगती थीं लोगों की लाइनें
राजा बाबू, कुली नम्बर 1,दीवाना मस्ताना, बड़े मिया छोटे मिया, हीरो नम्बर 1, साजन चले ससुराल, दुलारा, शोला और शबनम, दूल्हे राजा, हसीना मान जाएगी ये कुछ ऐसी फिल्में हैं जो कि एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर साबित हुईं। उस वक्त अगर थियेटर में लोगों की भारी भीड़ लगती थी तो देखने वाले समझ जाते थे गोविंदा की फिल्म लगी है।