राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा प्रत्याशी यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) ने आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया था. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे. वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम लोगों को 17 से ज्यादा पार्टियों का समर्थन है और जिन लोगों को हमने संपर्क नहीं किया उन लोगों ने खुद हमारे राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा जी को फोन किया और उनसे बात की. अब शायद सभी पार्टियों के मिल जाने के बाद एक नजदीकी लड़ाई होगी.
इससे पहले रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों को अपने साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे. यदि कोई राष्ट्रपति चुनाव के अंकगणित पर नजर डालें तो स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी बताई जा रही है और विपक्षी दलों को अच्छी लड़ाई लड़ने के लिए ठोस प्रयास करने होंगे. राकांपा प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे कुछ विपक्षी दलों ने पहले ही 18 जुलाई के चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का झुकाव संथाल समुदाय से ओडिशा की एक आदिवासी नेता मुर्मू की ओर हो रहा है. झामुमो उस विपक्षी समूह का हिस्सा है, जिसने सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए अपने साझा उम्मीदवार के रूप में चुना था.
बता दें कि मतदान 18 जुलाई को निर्धारित है जबकि मतगणना के लिए 21 जुलाई की तारीख तय है. उम्मीदवार 29 जून तक नामांकन भर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून को होगी. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख दो जुलाई है. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है.