आज तेलंगाना स्थापना दिवस (Telangana Formation Day) मनाया जा रहा है। हैदराबाद में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव शामिल हुए।वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के लोगों को ‘राज्य स्थापना दिवस’ की बधाई दी।
तेलंगाना के लोगों को अपने बधाई संदेश में, राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “तेलंगाना के लोगों को स्थापना दिवस की बधाई! तेलंगाना समृद्ध संस्कृति और विरासत से धन्य है। तेलंगाना ने विकास संकेतकों पर सराहनीय प्रगति की है और उद्योगों के लिए एक केंद्र के रूप में उभरा है। मैं कामना करता हूं कि यह समृद्ध हो और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे।
Greetings to the people of Telangana on Statehood Day! Blessed with rich culture and heritage, Telangana has made commendable progress on development indicators and emerged as a hub for industries. I wish it continues to prosper & fulfil people’s aspirations.
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 2, 2022
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “राज्य के स्थापना दिवस पर तेलंगाना की मेरी बहनों और भाइयों को बधाई। तेलंगाना के लोग राष्ट्रीय प्रगति के लिए कड़ी मेहनत और अद्वितीय समर्पण के पर्याय हैं। राज्य की संस्कृति विश्व प्रसिद्ध है। मैं तेलंगाना के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।
गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने भी दी बधाई- एक ट्वीट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “तेलंगाना के लोगों को उनके स्थापना दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं। मैं आने वाले समय में राज्य के विकास और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “राज्य के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर तेलंगाना के लोगों को शुभकामनाएं। राज्य अपने मेहनती लोगों और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है। आने वाले समय में तेलंगाना की प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।
2 जून 2014 को नया राज्य बना तेलंगाना-2 जून 2014 को तेलंगाना का गठन देश के 28 वें राज्य के तौर पर हुआ। इसी उपल्क्ष्य में हर साल 2 जून को तेंलगाना स्थापना दिवस मनाया जाता है। पहले तेलंगाना आंध्र प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था। तेलंगाना दिवस के दिन उन सभी लोगों के बलिदान और सहयोग को याद किया जाता है जिन्होंने इस अलग राज्य को बनाने में जी जान लगा दिया। 1 नवंबर 1956 को तत्कालीन मद्रास से विभाजित कर तेलुगु बोलेनेवाले लोग का आंध्र प्रदेश के साथ विलय कर दिया गया था । 1969 में अलग तेलंगाना क्षेत्र में एक नए राज्य के लिए आंदोलन शुरू हुआ। यह विरोध इतना हिंसक था कि पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए। यह आंदोलन जारी रहा और समय-समय पर अलग राज्य के मांग की स्वर धीमी नहीं पड़ी। फरवरी 2014 में तेलंगाना के अलग राज्य का बिल तत्कालीन मनमोहन सरकार द्वारा लोकसभा पारित कराया और उसी साल आंध्र प्रदेश रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट को स्वीकृति मिल गई। 2 जून 2014 को तेलंगाना के रूप में एक अलग राज्य का गठन हुआ।