जानिए क्या है, इसका इतिहास, थीम और महत्व

हर साल आज (25 मई) ‘वर्ल्ड थायराइड अवेयरनेस डे’ मनाया जाता है. ये दिन थायराइड रोगों, उनके लक्षणों, रोकथाम और…
1 Min Read 0 81

हर साल आज (25 मई) ‘वर्ल्ड थायराइड अवेयरनेस डे’ मनाया जाता है. ये दिन थायराइड रोगों, उनके लक्षणों, रोकथाम और इलाज के बारे में जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है. साल 2008 में यूरोपियन थायराइड एसोसिएशन (ETA) के एक प्रस्ताव पर ये दिन अस्तित्व में आया. पब्लिक हेल्थ अपडेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्तर पर अनुमान है कि 200 मिलियन से अधिक लोग थायराइड डिजीज से जूझ रहे हैं और इनमें से 50 प्रतिशत मामलें तो ऐसे हैं, जिनका निदान (Diagnosed) नहीं होता है.

दरअसल, गर्दन में एक तितली के आकार की ग्रंथि थायराइड ग्रंथि कहलाती है. ये शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथियों में से एक है. ये ग्रंथि हार्मोन पैदा करती है, जो बॉडी के ज़रूरी फंक्शंस को इफेक्ट करते हैं और मेटाबॉलिज्म को रेगुलेट करते हैं. थायराइड डिसऑर्डर के सबसे आम प्रकारों में हाइपोथायरायडिज्म (असामान्य रूप से घटी हुई थायराइड एक्टिविटी), हाइपरथायरायडिज्म (असामान्य रूप से थायरॉइड एक्टिविटी में वृद्धि), थायरायडिटिस (थायराइड ग्रंथि की सूजन) और थायराइड कैंसर शामिल हैं और ये अक्सर आयोडीन की कमी के कारण होते हैं.

वर्ल्ड थायराइड जागरूकता दिवस का इतिहास- सितंबर 2007 में यूरोपियन थायरॉइड एसोसिएशन (ईटीए) कांग्रेस से पहले, एक वार्षिक आम बैठक के दौरान 25 मई को आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड थायराइड डे के रूप में अपनाया गया था. 25 मई की तारीख 1965 में ईटीए के फाउंडेशन डे को भी चिह्नित करती है, इसलिए 25 मई को थायराइड डिसऑर्डर के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पित एक दिन के रूप में चुना गया.

Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *