डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक के पीएचसी कोचरी के अन्तर्गत आने वाले ‘सलाखड़ी’ गांव क्षेत्र में ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। वहां टापू पर रहने वाले लोग वैक्सीनेशन के लिए आगे नही आए। वहां मानसून की बरसात और जोरों से हवाएं चल रही थी।
नाव चलाने वाले की धैर्य परीक्षा क्या, जब धाराएं प्रतिकूल न हों, इन पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया राजस्थान के सुदूर दक्षिण में स्थित डूंगरपुर जिले की कोरोना वारियर्स आशा सहयोगिनी कमला के जज्बे ने। कमला’ की हिम्मत और जज्बे को सलाम।45 मिनट तक कमला ने तेज हवाओं के बीच खुद नाव चलाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को टापू पर लेकर पहुंची। टापू पर बसे लोग वैक्सीन के लिए आगे नहीं आये तो कमला खुद उनके घर पर पहुंच गई।लगभग डेढ़ सौ लोगों का वैक्सीनेशन किया गया।
सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने बताया, जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला के नेतृत्व में जिले में पूरी सक्रियता के साथ टीकाकरण कार्य किया जा रहा है। वैक्सीनेशन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने में जिला प्रशासन के जांबाज स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं कोरोना वॉरियर्स ने दो कदम आगे बढ़कर काम किया है।
उनके सामने चाहे कैसी भी चुनौती आई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गांव में घर-घर जाकर वैक्सीनेशन का कार्य पूरा किया है। ओड़ाफला एवं बेडाफला टापू पर रह रहे लोग चारों तरफ से करीब एक किलोमीटर चौड़ाई वाले क्षेत्र में पानी आने से वैक्सीनेशन सेंटर पर नहीं आ सके। ऐसे में आशा सहयोगिनी ‘कमला’ ने गजब का साहस एवं इच्छाशक्ति दिखाई।
कमला को उस वक्त बहुत हैरानी हुई, जब कुछ लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए मना कर दिया। अब यहां पर ‘कमला’ की दूसरी परीक्षा शुरू हुई, उन्होंने लोगों की काउंसलिंग की और वैक्सीन के फायदे बताए। आखिरकार लोगों ने उसकी बात मान ली। डॉ. राजेश शर्मा ने कहा, कोरोना वॉरियर्स की यह निष्ठा हम सभी को हौंसला देती है। सीमलवाड़ा के बीसीएमओ डॉ. नरेंद्र प्रजापत ने बताया कि ओड़ाफला तथा बेडफला टापू पर कुल 32 मकानों में 137 लोग रहते हैं। दोनों टापू सालभर पानी से घिरे रहते हैं। साधारण दिनों में लोग चप्पू से चलने वाली नाव से आना-जाना करते हैं। बारिश के दिनों में पानी ज्यादा होने पर लोगों का आना-जाना बंद हो जाता है। ऐसे में सभी परिवार वैक्सीन से वंचित थे। दोनों टापूओं पर रह रहे लोगों तक पहुंचना और उनका वैक्सीनेशन करना, एक चुनौती पूर्ण कार्य था
जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला ने कहा, डूंगरपुर जिले में दूर दराज के क्षेत्रों में और अथाह जल राशि के मध्य टापुओं पर बसे लोगों को वैक्सीनेशन करवाने के लिए कोरोना वारियर्स आशा सहयोगिनी कमला ने जो हिम्मत दिखाई है, वह उसकी कर्तव्य परायणता और काम के प्रति जज्बे को दर्शाता है।