कोरोना महामारी ने लोगों की जीवनशैली के साथ साथ धार्मिक अनुष्ठान और कर्मकांड के तरीके भी बदल दिए हैं.इसकी एक झलक प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे मनकामेश्वर मंदिर में भी देखने को मिला है. भगवान महादेव के आराधना के बाद अब नारियल के प्रसाद के साथ ऑक्सीजन देने वाले पौधे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिये जा रहे हैं.
मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मचारी श्री धरानंद का कहना है कि कोरोना महामृ की दूसरी लहर में जिस तरह ऑक्सीजन समस्या सामने आई है उससे एक बार फिर साफ हो गया है कि प्राणवायु ऑक्सीजन को बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा.और इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन की तरफ से प्रसाद के रूप मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन वाले पौधे दिये जा रहे हैं.
मंदिर के महंत ब्रह्मचारी श्री धरानंद के अनुसार पौधे हमारे वातावरण को शुद्ध तो करेंगे ही ऑक्सीजन की कमी को भी पूरा कर सकेंगे. कई लोगों को आक्सीजन न मिलने पर जान से हाथ धोना पड़ा है मनकामेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के पीछे मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मचारी श्री धरानंद का कहना है, पूरे प्रयागराज में विकास के नाम पर काफी पौधे काट दिए गए. इस वजह से प्रयागराज में भारी ऑक्सीजन की कमी लोगों को झेलना पड़ी है. इसी बात का ख्याल रखते हुए हम लोगों ने अपने मंदिर में रुद्राभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ पौधे दे रहे हैं और उनसे संकल्प दिला रहे है कि इस पौधे की रक्षा कर इनकी सेवा करेंगे.