राजस्थान के रेगिस्तान के बीच में कुलधरा गांव है, जिसे भुतहा गांव कहा जाता है इस गांव में एक गेटकीपर है जिनकी उम्र 82 वर्षीय है जिन्होने कुछ ही दिन पहले अपनी प्यार की कहानी सुनाई. ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से अपने पहले प्यार की कहानी के बारे में बातचीत की और बताया की जब में 30 साल का था तब पहली बार मरीना से मिला था उस समय वह ऑस्ट्रेलिया से जैसलमेर आई थी.
उन्होंने बताया की ये 1970 के दशक की बात है जब वे इस गांव के गेट कीपर नहीं बने थे उस वक्त वे मरीना से जैसलमेर में मुलाकात की और अपनी पांच दिन की यात्रा के दौरान उन्होंने मरीना को ऊंट की सवारी करना सिखाया. उस समय को याद करते हुए गेटकीपर ने कहा की हम दोनों के लिए यह पहली नजर का प्यार था पूरी यात्रा के समय हमारी नजरे एक दूसरे से दूर नहीं कर सकते थे.’
मरीना इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होती वह अपनी भावनाओं को स्वीकारा और उसे ‘आई लव यू’ कहा.जब मरीना की बात सुनकर द्वारपाल पूरी तरह से चुप हो गया.पर मरीना उसकी द्वारपाल की ख़ामोशी को पूरी तरह समझ चुकी थी. ऑस्ट्रेलिया वापस जाने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे. बाद जब मरीना ने द्वारपाल को ऑस्ट्रेलिया में आमंत्रित किया तो द्वारपाल ने 30 हजार रुपये का लोन लेकर परिवार को बिना बताये मेलबर्न निकल गया. वहाँ , उसके साथ तीन महीना रहा और उन तीन महीनो के दिनों को एक दम जादुई बताया पर सारी चीजे कठिन हो गई जब मरीना ने उससे शादी करने और उसके साथ ऑस्ट्रेलिया में बसने के लिए कहा.
द्वारपाल भारत छोड़ने के लिए तैयार नहीं था और मरीना भारत में रहने के लिए तैयार नहीं थी .’गेटकीपर बोला- वो उस दिन खूब रोई जब हम दोनों अलग हो रहे थे.इसलिए हम दोनों अलग हो गए.फिर द्वारपाल भारत वापिस आ गए
द्वारपाल ने अपने परिवार के दबाव में शादी की और कुलधरा के गेट कीपर नौकरी कर ली. उसके बाद में भी मरीना के बारे में ही सोचता रहा था.की क्या उसने शादी की ,क्या मैं कभी उससे मिल पाउंगा.कभी भी उसे मेने पात्र लिखने की साहस नहीं कर पाया
उन्होंने फिर कहा की वक्त के साथ -साथ यादें फीकी पड़ गईं.’ उनके बेटे बड़े हो गए और बाहर चले उनकी पत्नी की दो साल पहले,मृत्यु हो गई.