न्यूजीलैंड के कार्ल रॉक ने पिछले साल दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में प्लाज्मा डोनेट किया था जिसके बाद लोगो का ध्यान उनकी तरफ हो गया भारत के सुदूर इलाकों में घूमते हुए कार्ल रॉक धाराप्रवाह हिंदी बोलते हैं और खुद को भारत-प्रेमी कहते हैं. अब इनका भारत आना बैन हो चुका है.
भारत यात्रा की वीडियो बनाकर अंग्रेजी और हिंदी दोनों ही भाषाओं में डालने वाले यूट्यूबर कार्ल रॉक 2020 में पाकिस्तान में कई महीने रहे. जब उन्होने भारत लौटने की अपील की तब पता चला कि कार्ल के भारत लौटने पर एक साल के लिए पाबंदी लग चुकी. .भारत से कार्ल का एक गहरा रिस्ता है साल 2019 में दिल्ली की रहने वाली मनीषा मलिक से शादी की.और इस तरह भारत में कार्ल का ससुराल है पत्नी से मिलने के लिए करीब 270 दिनों से गुहार लगा रहे हैं.
न्यूजीलैंड के कार्ल रॉक का असल नाम कार्ल एडवर्ड राइस है. वे एक ट्रैवल ब्लॉगर हैं. यानी यात्रा की वीडियो बनाते हैं. लेकिन कार्ल का मामला थोड़ा अलग है. वे भारत की ही यात्रा की वीडियो बनाते हैं और अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी बनाते हैं. उनकी इसी खूबी के कारण वे न केवल उन विदेशियों में लोकप्रिय हैं, जो भारत यात्रा करना चाहते हैं, बल्कि देसी लोग भी भारतीय रंग-ढंग के कारण उन्हें पसंद करते रहे.
कार्ल के अनुसार वे नहीं जानते कि उनके आने पर रोक क्यों लगी. वे कहते हैं कि जब वे पाकिस्तान से होते हुए दुबई लौटे तो उनका वीजा एक्सपायर हो चुका था. वहां वीजा के लिए आवेदन करने पर उन्हें दुबई उच्चायोग बुलाया गया और बताया गया कि उनके भारत जाने पर पाबंदी लग गई है.
कार्ल के मामले को लगातार उठाने और सोशल मीडिया तक पर डालने पर विदेश मंत्रालय एक्शन में आया. वहां के एक अधिकारी बताया कि कार्ल रॉक ने वीजा के कई मानदंडों को तोड़ा है. वे भारत टूरिस्ट वीजा पर थे कई बार राजनैतिक मसलों पर भी बोला था, जैसे CAA के दौरान कथित तौर पर कार्ल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जो कि टूरिस्ट वीजा पर मना है. इसलिए ही उनके भारत आने पर सालभर के लिए बैन लग गया.