राष्ट्रपति मुर्मू का महादौरा: ओडिशा और छत्तीसगढ़ में छह दिवसीय राजकीय यात्रा

ओडिशा आगमन और पैतृक गांव की स्मृतियां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस छह दिवसीय दौरे की शुरुआत उनके गृह राज्य…
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ओडिशा आगमन और पैतृक गांव की स्मृतियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस छह दिवसीय दौरे की शुरुआत उनके गृह राज्य ओडिशा से हो रही है। आज दोपहर भुवनेश्वर पहुंचने पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस यात्रा का सबसे भावनात्मक हिस्सा उनके पैतृक जिले मयूरभंज का दौरा होगा। राष्ट्रपति यहां अपने गांव रायरंगपुर में स्थानीय निवासियों से मुलाकात करेंगी और उन विकास परियोजनाओं का जायजा लेंगी जो पिछले कुछ वर्षों में इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में शुरू की गई हैं। यह यात्रा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ाव और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने का एक प्रतीक भी है।

शैक्षिक संस्थानों में दीक्षांत समारोह और संवाद

दौरे के दूसरे और तीसरे दिन का मुख्य केंद्र बिंदु ओडिशा के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान होंगे। राष्ट्रपति मुर्मू भुवनेश्वर और संबलपुर के प्रमुख विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यहाँ वह मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी और युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए विकसित भारत @2047 के विजन को साझा करेंगी। उनका ध्यान विशेष रूप से महिला शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार पर रहेगा। वह छात्रों के साथ एक अनौपचारिक संवाद सत्र में भी भाग लेंगी, जहां वह शिक्षा की शक्ति और संघर्ष से सफलता तक के अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करेंगी।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान

राष्ट्रपति मुर्मू अपनी इस यात्रा के दौरान ओडिशा के गौरवशाली आध्यात्मिक केंद्रों का भी दौरा करेंगी। वह पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगी, जो उनकी अटूट आस्था का केंद्र रहा है। इसके अलावा, कोणार्क के सूर्य मंदिर और कुछ अन्य ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर वह राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वास्तुकला को वैश्विक पटल पर रेखांकित करेंगी। सरकार द्वारा इन मंदिरों के आसपास विकसित किए गए नए कॉरिडोर और सुविधाओं का निरीक्षण भी उनके एजेंडे में शामिल है, जो पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ प्रवास और आदिवासी सशक्तिकरण

दौरे के चौथे दिन राष्ट्रपति मुर्मू छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचेंगी। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहाँ की संस्कृति और पहचान आदिवासी समुदायों से गहराई से जुड़ी है। राष्ट्रपति यहाँ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष सम्मेलन में भाग लेंगी। वह केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद करेंगी। रायपुर के राजभवन में उनके सम्मान में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो राज्य की अद्वितीय विविधता को दर्शाता है।

औद्योगिक प्रगति और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन

छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू राज्य की औद्योगिक क्षमता और विकास कार्यों को भी गति देंगी। वह भिलाई और बिलासपुर के क्षेत्रों में कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगी। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा यह संदेश देने के लिए है कि कैसे खनिज संपदा से भरपूर छत्तीसगढ़ देश की अर्थव्यवस्था का पावरहाउस बनने की दिशा में अग्रसर है। वह स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन कर उनके आर्थिक स्वावलंबन की सराहना भी करेंगी।

दौरे का समापन और रणनीतिक महत्व

छह दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति रायपुर में नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करेंगी। इस दौरे का उद्देश्य न केवल विकास कार्यों की समीक्षा करना है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की पहुंच को सुनिश्चित करना भी है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्य जनजातीय बहुल और विकासशील हैं, ऐसे में राष्ट्रपति की उपस्थिति स्थानीय प्रशासन और जनता में नया उत्साह भरती है। 7 फरवरी को दिल्ली वापस लौटने से पहले वह दोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त समीक्षा बैठक भी करेंगी ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जा सके।

News29

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