1977 में भारतीय तटरक्षक (ICG) की स्थापना को चिह्नित करने के लिए हर साल 1 फरवरी को भारतीय तटरक्षक दिवस मनाया जाता है।
भारतीय तटरक्षक दिवस का महत्व
भारतीय तट रक्षक (ICG) की आधिकारिक तौर पर स्थापना 1 फरवरी, 1977 को भारतीय संसद द्वारा की गई थी।
यह समुद्री सुरक्षा, खोज और बचाव कार्यों, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जल क्षेत्र में कानून प्रवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह दिन भारत की समुद्री सीमाओं और विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की सुरक्षा में तटरक्षक कर्मियों की बहादुरी, समर्पण और बलिदान का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है।
भारतीय तटरक्षक के कार्य
समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और तस्करी, समुद्री डकैती और घुसपैठ जैसी अवैध गतिविधियों को रोकना।
संकट में फंसे जहाजों और मछुआरों के लिए खोज और बचाव (एसएआर) अभियान चलाना।
समुद्री प्रदूषण को रोकना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना।
राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने में भारतीय नौसेना और अन्य एजेंसियों की सहायता करना।
मत्स्य पालन, तस्करी विरोधी और तस्करी विरोधी गतिविधियों से संबंधित कानून लागू करना।
भारतीय तटरक्षक का आदर्श वाक्य
👉 “वयं रक्षामः” (हम रक्षा करते हैं)
समारोह
इस दिन, भारत के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री तटरक्षक कर्मियों को शुभकामनाएं देते हैं।
आईसीजी अपने सदस्यों की सेवा और समर्पण को मान्यता देने के लिए परेड, अभ्यास और पुरस्कार समारोह आयोजित करता है।
रोचक तथ्य
भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
यह भारतीय नौसेना, सीमा शुल्क और मत्स्य पालन विभाग के साथ मिलकर काम करता है।
आईसीजी भारतीय जल क्षेत्र की निगरानी और गश्त के लिए उन्नत जहाज, हेलीकॉप्टर और विमान संचालित करता है।