डॉ. बी.आर. के पांच प्रेरणादायक उद्धरण दिए गए हैं। अम्बेडकर:
“मन की खेती मानव अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।”
“मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति के आधार पर मापता हूं।”
“मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है।”
“जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए।”
“मनुष्य नश्वर हैं। विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की उतनी ही आवश्यकता होती है जितनी एक पौधे को पानी की। अन्यथा, दोनों सूख जाएंगे और मर जाएंगे।”
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर एक प्रमुख समाज सुधारक, न्यायविद् और भारतीय संविधान के वास्तुकार थे। उनके विचार और उद्धरण पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं और शिक्षा, सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के महत्व पर जोर देते हैं।