आज से राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत हो रही है। हर साल एक सितंबर से सात सितंबर के बीच भारत में पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस मौके पर बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। दरअसल, भारत स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भले ही कार्य कर रहा हो लेकिन लोगों में सेहत को लेकर जागरूकता के अभाव के कारण रोगियों का आंकड़ा स्वास्थ्य सुविधाओं से ज्यादा ही रहता है। आजकल की बिगड़ी जीवनचर्या और गलत खानपान इसकी एक बड़ी वजह है। स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार के सेवन की आवश्यकता है। पोषण की पूर्ति के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की शुरुआत की थी।
हर साल एक निर्धारित थीम के साथ राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। अगली स्लाइड्स में जानिए राष्ट्रीय पोषण सप्ताह कब और क्यों मनाने की शुरुआत हुई, इस साल की थीम क्या है।
राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने की शुरुआत? पोषण के महत्व को समझते हुए राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने की शुरुआत मार्च 1975 में हुई थी। इसे मनाने का मकसद लोगों के खानपान और सेहत के लिए जागरूक करना था। बाद में 1980 में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह एक हफ्ते की जगह महीने भर मनाया जाने लगा था। हालांकि भारत सरकार ने 1982 को सितंबर महीने के पहले सप्ताह में राष्ट्रीय पोषण दिवस मनाने का फैसला लेते हुए हर साल इस खास सप्ताह को मनाने का ऐलान कर दिया।
किसने की थी पोषण दिवस मनाने की शुरुआत?-राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने की शुरुआत सबसे पहले अमेरिकन डायटेटिक्स एसोसिएशन ने की थी। इस एसोसिएशन को अब न्यूट्रिशन और डाइट साइंस एकेडमी के नाम से जाना जाता है।
राष्ट्रीय पोषण दिवस की थीम- हर साल राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाने के लिए भारत सरकार एक खास थीम निर्धारित करती है। इस साल राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2022 की थीम ‘सेलिब्रेट वर्ल्ड ऑफ फ्लेवर’ है। इस थीम के साथ लोगों को स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों को नए स्वाद के तौर पर सेवन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फल, सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्रियों को आजमाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जो शरीर को न्यूट्रिशन देते हों।
कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय पोषण सप्ताह?-भारत सरकार का महिला और बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य और पोषण बोर्ड हर साल राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का आयोजन करते हैं। पोषण सप्ताह के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोगों को शरीर को पोषण देने वाली खानपान की चीजों के बारे में जागरूक किया जाता है। कोविड काल में लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने वाले पोषक तत्वों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।