डस्ट एलर्जी, होने पर ,नज़र आते हैं, ये 8 लक्षण, बचाव के, 5 ज़रूरी उपाय

डस्ट एलर्जी की समस्या लोगों में अब आम होती जा रही है. जिन्हें डस्ट या धूल-मिट्टी से एलर्जी होती है,…
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डस्ट एलर्जी की समस्या लोगों में अब आम होती जा रही है. जिन्हें डस्ट या धूल-मिट्टी से एलर्जी होती है, उन्हें सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सफर करने के दौरान तो समस्या होती ही है, लेकिन कई बार घर पर रहते हुए भी डस्ट एलर्जी की वजह से व्यक्ति बीमार हो जाता है.

डस्ट एलर्जी की वजह से लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसके लक्षण क्या होते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है, इन सभी सवालों पर हमने बात की है फोर्टिस हॉस्पिटल (मुलुंड, मुंबई) के ईएनटी सर्जन डॉ. संजय भाटिया से.

क्यों होती है डस्ट एलर्जी- आसपास धूल, मिट्टी या गंदगी की वजह से शुरू होने वाली छींक, ज़ुकाम और सिरदर्द डस्ट एलर्जी के संकेत हो सकते हैं. धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कण में कई तरह के माइक्रोऑर्गैनिस्म होते हैं, जो हर किसी के लिए नुकसानदायक होते हैं. जब ये नज़र न आने वाले कीटाणु मुंह या नाक के रास्ते शरीर के अंदर जाते हैं, तो बॉडी इसे झेल नहीं पाती है. कई लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है या बॉडी सेंसेटिव होती है, उन लोगों में डस्ट एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है. डस्ट एलर्जी को डस्ट माइट भी कहते हैं.

डस्ट एलर्जी के लक्षण- सिर में लगातार दर्द रहता है.
धूल की वजह से छींक आना.
नाक से पानी बहने लगता है.
आंखों में दर्द महसूस होता है.
नाक के अंदर जलन और खुजली होती है.
सर्दी और ज़ुकाम हो सकता है.
आंखों के आसपास सूजन आना.
कान बंद होना.

डस्ट एलर्जी से बचाव के उपाय- बिना मास्क के घर से न निकलें – अगर आपको बाहर निकलने के दौरान ऊपर बताई गई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, तो बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें. मास्क की जगह कपड़ा या रूमाल का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह धूल के बारीक कणों को मुंह और नाक में आने से रोकेगा.

खुली रखी चीज़ें न खाएं – घर पर रहें या बाहर धूल के कण हर जगह मौजूद होते हैं. ऐसे में खुले में रखी गई खाने की चीज़ें भी नुकसानदेह हो सकती हैं. खाने की इन चीज़ों के साथ आपके मुंह के रास्ते डस्ट जा सकता है.”

फिल्टर किया हुआ पानी पिएं – खुद को सुरक्षित रखने के लिए फिल्टर किया हुआ पानी पिएं. इससे पानी में मौजूद धूल, कण के शरीर में जाने का खतरा कम हो जाएगा.

चादर, पर्दे, कालीन साफ रखें – बिस्तर, डोरमैट, पर्दे या कालीन पर जमी धूल की वजह से भी डस्ट एलर्जी की समस्या हो सकती है. घर की चीज़ों और सामानों पर धूल न जमें इसका ध्यान रखें और आसपास सफाई बनाए रखें.

गीले कपड़े का इस्तेमाल करें – अगर आप सफाई कर रहे हैं, तो धूल पर झाड़ू लगाने की बजाय उसे गीले कपड़े से साफ करें. इससे डस्ट उड़ने की जगह कपड़े पर चिपक जाएगा और आप धूल से बचे रहेंगे.”

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