जीवनशैली और खान पान में गड़बड़ी के कारण पिछले कुछ वर्षों में सेहत को लेकर चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं। कमजोर इम्युनिटी ने लोगों में कोरोना जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। कोरोना ही नहीं, पिछले कुछ वर्षों में कई दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में भी तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से हमारी जीवनशैली में तेजी से बदलाव आया है, उसे इन बीमारियों के बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा सकता है।
तमाम तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए आयुर्वेद को वर्षों से सबसे प्रभावी और कारगर तरीका माना जाता रहा है। आयुर्वेद विशेषज्ञों की मानें तो आयुर्वेदिक सिद्धांतों के साथ जीवनशैली को ढालने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार के साथ जीवनशैली को स्वस्थ बनाए रखना भी आवश्यक माना जाता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन बातों को ध्यान में रखकर तमाम तरह की बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है?
आयुर्वेद विशेषज्ञ कपिल भास्कर बताते हैं, जैसे-जैसे हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, बीमारियों हमें घेरती जा रही हैं। पार्कों और बगीचों में घूमें। ताजी हवा और हरे भरे वातावरण का हमारे शरीर और दिमाग पर सकारात्मक असर होता है। प्रकृति के साथ जुड़े रहने से मानसिक स्वास्थ्य में लाभ होता है जिसका सीधा असर शरीर को स्वस्थ रखने पर देखा जा सकता है। रोज सुबह कम से कम आधे घंटे की वॉक सभी लोगों को जरूर करनी चाहिए।
शरीर और मन के संतुलन को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग और व्यायाम करना बहुत आवश्यक माना जाता है। श्वास व्यायाम या प्राणायाम आपके शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। रोजाना कम से कम आधे घंट तक तमाम तरह के योगासनों का अभ्यास करें। शरीर को सक्रिय रखने से कई तरह की बीमारियों का जोखिम स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। योग और व्यायाम मन के साथ शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक माने जाते हैं।
शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आहार (आहार), निद्रा (नींद) और ब्रह्मचर्य (संवेदी संतुष्टि) में संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है। सात्विक भोजन करना सबसे अच्छा माना जाता है। आहार और व्यायाम के साथ-साथ शरीर को पूरा आराम देना भी जरूरी है। इसके लिए रोजाना रात में कम से कम 6-8 घंटे की अच्छी नींद जरूर सुनिश्चित करें। आहार, व्यायाम और निद्रा का संतुलन आपको स्वस्थ रखने और दीर्घायु बनाने में मदद करता है। जंक और प्रोसेस्ड चीजों के सेवन से परहेज करें।
अस्वीकरण- संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।