भारतीय सिनेमा में कई ऐसे कलाकार रहे हैं, जो इस दुनिया से जाने के बाद भी अपने फैंस के दिलों में जिंदा रहते हैं। साउथ इंडस्ट्री के शानदार अभिनेता डॉ. राजकुमार भी ऐसे ही अभिनेताओं की लिस्ट में शामिल हैं, जो अब हम लोगों के बीच नहीं हैं लेकिन उनके चाहने वाले अभिनेता को हमेशा याद करते हैं।
24 अप्रैल 1929 को जन्मे राजकुमार दिवंगत अभिनेता पुनित राजकुमार के पिता हैं। राजकुमार ने अपने करियर में कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री को कई हिट फिल्में दी हैं। लेकिन 12 अप्रैल साल 2006 को उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
आज हम आपको अभिनेता की जिंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं, जिसमें उनकी किडनैपिंग वाला मामला भी शामिल है। “
करियर- अभिनेता राजकुमार का असली नाम ‘सिंगनल्लूर पुट्टस्वामैया मुत्तुराज’ है, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज आठ साल की उम्र में एक थिएटर आर्टिस्ट के रूप में की थी। वह अपने पिता के साथ उस जमाने के दिग्गज डायरेक्टर गुब्बी वीरन्ना की मंडली में काम करते थे। यहीं पर रहकर उन्होंने एक्टिंग की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने सिंगिंग भी शुरू की। थिएटर से निकलने के बाद अभिनेता राजकुमार ने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और यहां पर अपनी छाप छोड़ी।”
हिट फिल्में- डॉ. राजकुमार ने अपने करियर की शुरुआत साल 1954 में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म ‘बेदरा कन्नप्पा’ से की थी और इस फिल्म से उन्होंने सिनेमा में धमाल मचा दिया। लगभग चार दशक लंबे करियर में राजकुमार ने 200 से ज्यादा फिल्मों में शानदार किया। कम शब्दों में कहा जाए तो उन्होंने अपना करियर कन्नड़ सिनेमा को समर्पित कर दिया था। उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों में ‘महात्यम’, ‘रणधीरा कांतीरवा’, ‘कविरत्न कालिदास’, ‘जेदारा बाले’ और ‘गौरी’ हैं। “
शानदार सिंगर- राजकुमार इंडस्ट्री में शानदार फिल्में देने के साथ-साथ हिट गाने भी गाए हैं। वह अपने थिएटर के दिनों में शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित होकर एक कुशल पार्श्व गायक बन गए थे। उन्होंने 1974 के बाद से ज्यादातर अपनी फिल्मों के लिए गाने गाए। उनकी हिट लिस्ट में ‘यारे कूगदली’, ‘हुत्तीदारे कन्नड़’, ‘हे दिन कारा’, ‘हृदय समुद्र’, ‘माणिक्यवीना’ और ‘नादमाया’ जैसे कई गाने शामिल हैं। उन्होंने बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्म फेयर अवॉर्ड अपने नाम किया था।”
चंदन तस्कर वीरप्पन ने किया था डॉ. राजकुमार को अगवा- अभिनेता की जिंदगी से जुड़ी इस घटना ने हर किसी को हिला कर रख दिया था। साल 2000 में चंदन तस्कर वीरप्पन ने डॉ. राजकुमार को अगवा कर लिया था। इस एक घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। हालत ये बन गई थी कि अभिनेता के फैंस सड़क पर उतर आए थे। अभिनेता की रिहाई के बदले वीरप्पन की मांगों पर तमिल पत्रिका नाक्केरन के संपादक पत्रकार आरआर गोपाल ने बातचीत की थी। जिसके बाद उन्हें 108 दिन बाद वीरप्पन ने रिहा कर दिया था।