दुनिया के ,7 अजूबों से, जुड़ीं ये ,दिलचस्प बातें ,नहीं जानते होंगे

  दुनिया के सात अजूबों के बारे में तो हम सभी जानते हैं। हम आपको इन सात अजूबों के बारे…
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दुनिया के सात अजूबों के बारे में तो हम सभी जानते हैं। हम आपको इन सात अजूबों के बारे में रोचक बातें बताएंगे जिनकी वजह से इनको 7 वंडर्स में शामिल किया है। शायद आप इन दिलचस्प बातों के बारे में नहीं जानते होंगे। तो आइए जानते हैं इन सातों अजूबों के बारे में अनसुनी बातें…

उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी के किनारे ताजमहल स्थित है। मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था। सफेद संगमरमर के पत्थर से बनाई गई यह संरचना दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ताजमहल प्रेम का प्रतीक है जो लोगों का मनमोह लेता है। सूर्योदय के समय और पूर्णिमा की रात में इसका आकर्षण और बढ़ जाता है। दुनिया के 7 अजूबों में शामिल ताजमहल का निर्माण 20000 कारीगरों ने किया था। बताया जाता है कि ऐसी संरचना दोबारा नहीं बनाई जा सके इसलिए कारीगरों के हाथ को काट दिया गया था, लेकिन यह कितना सच है हम नहीं सकते हैं। ताजमहल के निर्माण के लिए सामग्री को लाने के लिए एक हजार हाथियों का इस्तेमाल किया गया था।

ग्रेट वॉल ऑफ चाइना- चीन के पहले शासक किन शी हुआंग ने ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का निर्माण कराया था। करीब 20 साल में 21,196 किलोमीटर लंबी इस विशाल दीवार का निर्माण हो पाया था। इस दीवार से चीन की खूबसूरती नजर आती है। हुआंग ने अपने सामाज्य की रक्षा के लिए ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का निर्माण कराया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दीवार को पृथ्वी पर सबसे लंबा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। इस दीवार का निर्माण करने में 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गए। पुरातत्वविदों को इस दीवार के कुछ भागों में मानव अवशेष मिले हैं।

क्राइस्ट द रिडीमर, ब्राजील-125 फीट लंबी क्राइस्ट द रिडीमर को हेटर दा सिल्वा कोस्टा ने डिजाइन किया है। यह मूर्ति एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है जिसकी वजह से इस पर बिजली के गिरने का खतरा रहता है। कहा जाता है कि साल में तीन से बार बिजली इस मूर्ति से टकरा जाती है। 2014 में इस मूर्ति पर बिजली गिरी थी जिसकी वजह से इसका एक अंगूठा टूट गया था। इस संरचना का निर्माण ब्राज़ील में नहीं बल्कि फ्रांस में किया गया था।

कालीजीयम, इटली- सम्राट टाइटस वेस्पासियन ने 70 ईस्वी और 82 ईस्वी के बीच कालीजीयम का निर्माण कराया था। रोम में स्थित कालीजीयम दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित और प्राचीन एम्फीथिएटर है। इसका निर्माण करने में करीब 9 साल लग गए थे।  इस एम्फीथिएटर के अंदर करीब चार लाख लोग मारे गए थे। इस संरचना ने कई घटनाओं, शो और प्रतियोगिताओं को देखा है।

माचू पिच्चू, पेरू-दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में स्थित माचू पिच्चू इंका सभ्यता से संबंधित एक एतिहासिक स्थल है। यह शहर करीब 8,000 फीट की उंचाई पर उरुबाम्बा घाटी के ऊपर एक पहाड़ पर स्थित है। माचू पिच्चू दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। माचू पिच्चू को ‘इंकाओं का खोया हुआ शहर’ कहा जाता है। यह इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीकों में से एक है। इसे पेरू का एक एतिहासिक देवालय भी माना जाता है, इसलिए इसे एक पवित्र स्थान माना गया। साल 1983 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया है। इंति वाताना, सूर्य का मंदिर और तीन खिड़कियों का कमरा माचू पिच्चू के प्रमुख संरचना हैं। बताया जाता है कि जिन पत्थरों से इस शहर का निर्माण किया गया था उनमें से कई 50 पाउंड वजन के थे। इन पत्थरों को पहाड़ों पर ले जाने के लिए किसी पहिए का प्रयोग नहीं हुआ था।

चिचेन इट्जा, मेक्सिको- चिचेन इट्जा दुनिया के अजूबों की सूची में शामिल है जो माया संभ्यता से जुड़ा हुआ है। युकाटन राज्य में स्थित यह स्थान मेक्सिको के सबसे संरक्षित पुरातात्विक स्थलों में शामिल है। इसका इतिहास 1200 साल से भी अधिक पुराना है। कहा जाता है कि पूर्व-कोलंबियाई माया सभ्यता के लोगों ने चिचेन इट्जा को नौवीं से 12वीं शताब्दी के बीच बनाया था। यह एक पवित्र स्थल माना जाता है। यहां पर कई पिरामिड, मंदिर खेल के मैदान और कॉलम बनाए गए हैं। चिचेन इट्जा के इलाके अपनी असामान्य आवाजों के लिए प्रसिद्ध हैं। अगर बॉल कोर्ट के एक छोर से ताली बजाई जाती है, तो कोर्ट के नौ जगहों से गूंज आती है।

पेट्रा, जॉर्डन- गुलाबी रंग के बलुआ पत्थरों से इसका निर्माण किया गया था। इसकी वजह से इसको रोज सिटी कहा गया है। पेट्रा जॉर्डन के सबसे ज्यादा आकर्षणों में शामिल है।  दुनिया के सात अजूबों में शामिल पेट्रा में कई मकबरे और मंदिर स्थित हैं।

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