आजकल बढ़ते शहरी कल्चर में अगर तेजी से हाईराइज बिल्डिंग और अपार्टमेंट बन रहे हैं. लोग फ्लैट्स में रहने लगे हैं तो इन जगहों पर रहने वालों के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल और उस पर निर्भरता भी उतनी ही जरूरी हो जाती है. लिफ्ट केबिन के ऊपर घूमने वाली एक रिम लगी होती है. और जब लिफ्ट को केबल के जरिए ऊपर या नीचे ले जाया जाता है तो इस रिम में फंसी केबल घूमती है. इस केबल को इलेक्ट्रिक मोटर से घुमाया जाता है. केबल में एक तरफ कार लटकी होती है तो दूसरी तरफ कोई दूसरा भार लटक रहा होता है. जिससे बैलेंस बना रहता है.
लिफ्ट की केबल की अपने आप में खास होती है. यह कई सारे स्टील के तारों को आपस में लपेटकर बनाई जाती है. ये केबल बहुत मजबूत होती हैं. हालांकि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि ये टूट नहीं सकतीं. लेकिन इनका टूटना इसलिए भी मुश्किल होता है क्योंकि कुछ दिनों के अंतर पर लिफ्ट की चेकिंग की जाती है. हालांकि फिर भी अगर यह केबल टूट जाए तो जानिए क्या कर सकते हैं:
लगभग सभी लिफ्ट में एक नहीं बल्कि कई केबल होती हैं. और अगर ऐसी हालत में केबल टूट भी जाए तो दूसरी केबल के सहारे लिफ्ट टिकी रहती है. ज्यादातर स्टैंडर्ड लिफ्ट में भार के हिसाब से 4 से 8 केबल्स तक होती हैं.मान लीजिए की लिफ्ट की सारी केबल्स एक साथ टूट जाती हैं, तब? तब लिफ्ट में लगे दूसरे सुरक्षा उपकरण अपना काम करते हैं. अगर लिफ्ट गिरने लगती है तो लिफ्ट का ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है. लिफ्ट में हर फ्लोर पर सेफ्टी क्लैंप दिए होते हैं, जो गिरती लिफ्ट को रोकने के लिए बाहर निकल आते हैं.
ब्रेकिंग सिस्टम, ब्रेकिंग गवर्नर के घूमते ही काम में आ जाता है. ब्रेकिंग गर्वनर ऊपर नीचे जाती लिफ्ट की कार से जुड़ा होता है. और अगर लिफ्ट की कार तेजी से नीचे आ रही होती है तो ब्रेकिंग गवर्नर, ब्रेक लगा देता है और लिफ्ट के क्लैंप बाहर आ जाते हैं.
जैसे ही सेफ्टी के सारे उपकरण फेल होते हैं, लिफ्ट सीधे जमीन पर चली आती है. और लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों को पता चलता है कि वे तेजी से नीचे गिर रहे हैं. हालांकि लिफ्ट जब तेजी से नीचे आ रही होती है तो लिफ्ट में भरी हुई हवा के चलते लिफ्ट की कार पर उल्टी तरफ से जोर लगता है और लिफ्ट धीमी हो जाती है.दूसरी ओर, लिफ्ट के तल में एक शॉक एब्जॉर्बर लगा होता है. ये एक तरह का शाफ्ट होता है. इससे लिफ्ट गिरने से लिफ्ट में मौजूद लोगों को ज्यादा जोर से झटका नहीं लगता और चोट नहीं आती. यह एक तेल में डूबा हुआ पिस्टन होता है, जो सिलेंडर में रखा होता है.
कई बार लोग आपको यह भी बता सकते हैं कि लिफ्ट की रस्सी टूटने पर लिफ्ट में कूद जाएं इससे आपको झटका नहीं लगेगा. जबकि ऐसा नहीं है. लिफ्ट अगर 161 किमी/घंटे की स्पीड से नीचे आ रही होगी तो आप भी इसी स्पीड से ही नीचे आ रहे होंगे. ऐसे में कूदने से कुछ नहीं होगा. अगर आप कूदें और लिफ्ट को उसी वक्त झटका लगे तो आपको गिरने से चोट भी लग सकती है. ऐसे में अगर आपको टूटी लिफ्ट में परफेक्ट लैंडिंग चाहिए तो आपको फ्लोर पर लेट जाना चाहिए. उस हालत में आप पर लिफ्ट को लगे झटके का सबसे कम असर होगा और सबसे जरूरी बात आपको चोट लगने की संभावना सबसे कम होगी.