Happy New Year – नए साल का ,स्वागत,कहीं होता है ,दरवाजे पर ,प्लेटें तोड़कर ,तो कहीं खाते हैं ,दाल

  कई देश में अलग-अलग समय पर नए साल को मनाया जाता हैं क्योंकि उनका कैलेंडर अंग्रेज़ी या रोमन कैलेंडर…
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कई देश में अलग-अलग समय पर नए साल को मनाया जाता हैं क्योंकि उनका कैलेंडर अंग्रेज़ी या रोमन कैलेंडर से मेल नहीं खाता. फिर भी रोमन कैलेंडर के अनुसार नये साल के स्वागत का जश्न दुनिया भर में सबसे बड़े पैमाने पर मनाया जाता है. इसके साथ कई विश्वास और परंपराएं भी जुड़ चुकी हैं.

हालांकि Covid-19 के चलते पिछले साल की ही तरह इस बार भी जश्न कुछ जगहों पर काफी सीमित रह सकता है, फिर भी मान्यताओं पर फर्क पड़ने की उम्मीद कम ही है. आइए आपको बताते हैं कि दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों में नये साल के स्वागत से किस तरह की दिलचस्प बातें जुड़ी हुई हैं.

अगर आपको दरवाज़े पर कई सारी थालियां टूर्टी हुई मिलें, तो आप कन्फ्यूज़ हो सकते हैं. लेकिन, डेनमार्क में इस बात से हैरानी नहीं होती. यहां मान्यता है कि आने वाला साल खुशकिस्मती लेकर आएगा इसलिए डेनमार्क में लोग अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के घर जाकर उनके दरवाज़े पर प्लेटें तोड़कर फेंक देते हैं. यह शुभकामना संदेश की तरह होता है.

ब्राज़ील में नये साल के स्वागत के लिए अनोखी परंपरा है. नये साल के मौके पर यहां लोग खास तौर पर दाल पकाकर खाते हैं. दाल को धन दौलत का प्रतीक माना जाता है इसलिए यहां मान्यता है कि दाल खाई जाए तो नये साल में समृद्धि हासिल होती है.

नये साल के स्वागत में पटाखे फोड़ना शायद सबसे आम तरीका है. 31 दिसंबर और 1 जनवरी की आधी रात में कई देशों में इस तरह जश्न मनाया जाता है. इस बार संभव है कि कोरोना के कारण भीड़ न जुटने के निर्देश कई जगह हों, फिर भी पटाखों पर बैन लगने संबंधी खबरें नहीं हैं. नये साल के स्वागत में आतिशबाज़ी के नज़ारों के लिए न्यूज़ीलैंड का ऑकलैंड स्कायर टावर काफी मशहूर है. इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया में सिडनी हार्बर पर भी आतिशबाज़ी दर्शनीय होती है. इनके अलावा, कनाडा के टोरंटो, ब्राज़ील के रियो में भी आसमान रंग बिरंगे पटाखों से नहाता है.

स्पेन में प्रचलित परंपरा को सुनकर आप हैरान भी हो सकते हैं और यह आपको बहुत दिलचस्प भी लग सकता है. स्पेन में जैसे ही घड़ी में 12 बजते हैं तो लोग अंगूरों की तरफ टूट पड़ते हैं. मान्यता है कि घड़ी में मध्यरात्रि का समय होते ही हर बार अंगूर खाने से आने वाले 12 महीने आपके लिए भाग्य और खुशहाली लाते हैं.

नये साल के स्वागत से जुड़ी परंपराओं को लेकर अगर एशियाई देशों की बात की जाए तो जापान और ​दक्षिण कोरिया में घंटी बजाने सबसे कॉमन बात है. जगह जगह पूर्व संध्या पर लोग घंटी बजाते हुए दिखते हैं. जापान में तो मान्यता के हिसाब से 108 बार घंटी बजाना शुभ माना जाता है इसलिए वहां शोर काफी होता है.

भालू बनकर डांस-क्रिसमस पर बच्चों या बड़ों के सैंटा की पोशाक पहनने के बारे में आपने सुना होगा लेकिन रोमानिया में नववर्ष का स्वागत करने के लिए लोग भालू जैसी पोशाक पहनकर डांस करते हैं. इसके पीछे मान्यता है कि नये साल में बुरी आत्माओं से छुटकारा मिले. अस्ल में, पुरानी रोमनियाई कहानियों में भालू काफी स्पेशल रहे हैं और लोगों की रक्षा व इलाज करने तक के लिए मददगार माने जाते हैं.

अमेरिका में टाइम्स स्क्वायर पर नये साल का सबसे अहम जश्न होता है और सबकी निगाहें झंडे के लंबे खंभे से नीचे उतरती एक रंगीन चमकती गेंद पर होती है. अस्ल में यह नये साल के लिए काउंटडाउन का प्रतीक है. इसके बाद कई अमेरिकी शहरों में देखा जाता है कि लोग नववर्ष की पूर्व संध्या पर पारंपरिक तौर पर कुछ चीज़ें ऊंचाई से फेंकते हैं. मिसाल के तौर पर इंडियाना में लोग ऊंचाई से तरबूज़ फेंकते हैं.

दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में मान्यता है कि नये साल के स्वागत में घर का गैर ज़रूरी सामान बाहर कर दिया जाता है. लेकिन इसे कबाड़ी को बेचना या फिर रीसेल करने जैसा सिस्टम नहीं है बल्कि अपनी खिड़कियों से लोग खास तौर से पुराना फर्नीचर बाहर फेंकते हैं. इसके पीछे मान्यता यही है कि नये साल में नया सौभाग्य उन्हें हासिल हो.

दक्षिण अमेरिका के कुछ देशों में नये साल की पूर्व संध्या के मौके पर आप लोगों को सामान्य जगहों पर सूटकेस लिये हुए घूमते देख सकते हैं. इसके पीछे लोग मानते हैं कि खाली सूटकेस लेकर वॉक करने का मतलब यह है कि आने वाला साल रोमांचों से भरा रहेगा.

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