दुनिया में पहला हृदय प्रत्यारोपण करने वाले डॉ क्रिस्टियन बर्नार्ड डेथ एनिवर्सरी है .डॉ बर्नार्ड ने वर्ष 3 दिसंबर 1967 में दक्षिण अफ्रिका के केपटाउन शहर में दुनिया का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण चिकित्सा की दुनिया में तहलका मचा दिया था. उनकी टीम में कुल 30 लोग थे. इस पूरे ऑपरेशन में 9 घंटे का समय लगा था. इस ऑपरेशन के अगले साल ही दुनिया भर में करीब सौ हृदय प्रत्यारोपण के ऑपरेशन हुए थे. उनकी इस उपलब्धि के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आ गए थे.
यह प्रत्यारोपण लुई वशकांस्की का हृदय का किया गया था. ऑपरेशन के बाद वे ठीक थे, लेकिन उसके 18 दिन बाद ही उनकी निमोनिया से मौत हो गई थी. 53 साल के लुई वशकांस्की का दिल 25 वर्षीय की डेनिस डरवाल के दिल से बदला गया था जिसका एक कार एक्सीडेंट में जिसमें ब्रेन डेड हो गया था. डेनिस के पिता ने उनके दिल को दान करने का फैसला लिया था. डॉ बर्नार्ड ने दूसरा हृदय प्रत्यारोपण फिलिप ब्लाईबर्ग का किया था जो प्रत्यारोपण के बाद 19 महीनों तक जीवित रहे थे. यह ऑपरेशन 2 जनवरी 1968 को हुआ था जिसमें क्लाइव होप्ट नाम के 24 वर्षीय काले व्यक्ति का दिल लगाया गया था.
डॉ क्रिस्टियन नीथलिंग बर्नार्ड का जन्म 8 नवबंर 1922 को दक्षिण अफ्रीका संघ के केप प्रांत के ब्यूफोर्ट वेस्ट में हुआ था. उनके पिता एडम बर्नार्ड डच रीफॉर्म्ड चर्च में मंत्री थे, उनके चार भाइयों में अब्राहम ब्लू बेबी के शिकार थे जिनकी मौत तीन साल में दिल की खराबी के कारण हो गई थी.
जब डॉ बर्नार्ड पुरे तरीके से डॉक्टर बनने के बाद जानवरों पर प्रत्यारोपण के कई प्रयोग किए. दिसंबर 1955 में वे अमेरिका के मिनोसोटा गए जहां दो साल के स्कॉलरशिप प्रोग्राम में उन्हें पहले आंतों के इलाज पर काम करने को दिया गया. बाद में दिल के इलाज के शोध करने वाली टीम से जुड़ गए जो ओपन हार्ट सर्जरी पर काम कर रही थी और दिल की सर्जरी से विषय पर ही उन्होंने मास्टर्स ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की.केपटाउन के ग्रूट शूर अस्पताल के एक्सपेरिमेंटल सर्जरी विभाग में नियुक्त हुए फिर सर्जरी के लेक्चरर नियुक्त हो गए. बाद में वे उसी अस्पताल में कार्डियोथोरैकिक विभाग के प्रमुख बन गए जिसके बाद वे एक बेहतरीन हार्ट सर्जन के तौर पर मशहूर हो गए.
डॉ बर्नार्ड केप टाउन कमें कार्डियोथोरैकिक सर्जरी विभाग के प्रमुख से साल 1983 में रिटायर हुए थे क्योंकि उन्हे हाथों में रियूमेटॉइड आर्थराइटिस हो गया था. इससे उनका सर्जन के रूप करियर खत्म हो गया था. रिटारयरमेंट के बाद भी वे कई संस्थानों के लिए सलाहकार के तौर पर काम करते रहे. डॉ बर्नार्ड का निधन साइप्रस में साल 2001 में हुआ था. उस समय वे वहां छुट्टी मनाने गए थे. जब उनकी मौत हुई तब उसकी वजह दिल का दौरा बताया गया था, लेकिन बाद में जांच में उनकी मौत का कारण अस्थमा पाया गया था.