उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का लंबी बीमारी के बाद 89 वर्ष में शनिवार यानि 21 जून को निधन हो गया। । उन्हें 4 जुलाई को एसजीपीजीआई के आईसीयू में भर्ती कराया गया था।कल्याण सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख व्यक्त किया है।
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा ‘मैं अपने दुख को शब्दों में जाहिर नहीं कर सकता। कल्याण सिंह जी…राजनेता, अनुभवी प्रशासक, जमीनी स्तर के नेता और महान इंसान। उत्तर प्रदेश के विकास में उनका अमिट योगदान है। मैंने उनके पुत्र श्री राजवीर सिंह से बात की और संवेदना व्यक्त की। ओम् शांति।’
I am saddened beyond words. Kalyan Singh Ji…statesman, veteran administrator, grassroots level leader and great human. He leaves behind an indelible contribution towards the development of Uttar Pradesh. Spoke to his son Shri Rajveer Singh and expressed condolences. Om Shanti. pic.twitter.com/ANOU2AJIpS
— Narendra Modi (@narendramodi) August 21, 2021
बता दें कि कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के अतरौली तहसील के मढ़ौली गांव में हुआ था। उनकी पहचान एक हिंदुत्ववादी नेता और प्रखर वक्ता की थी। एक दौर में कल्याण राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे।
कल्याण सिंह 2 बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे। वह भाजपा के यूपी में पहले सीएम भी थे। कल्याण सिंह 1967 में पहली बार अतरौली से विधायक बने थे। कल्याण सिंह 10 बार विधायक चुने गए। कल्याण सिंह 4 सितंबर 2014 से 8 सितंबर 2019 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे। कल्याण सिंह ने 1991 में अपने दम पर यूपी में सरकार बनाई थी। इसके बाद कल्याण सिंह यूपी में भाजपा के पहले सीएम बने।
जब 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया गया तब यूपी के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह थे। उन्होंने कार सेवकों पर गोली चलाने की अनुमति नहीं दी थी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए कल्याण सिंह को जिम्मेदार माना गया। कल्याण सिंह ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन दूसरे दिन केंद्र सरकार ने यूपी की भाजपा सरकार को बर्खास्त कर दिया।