आज आधार बेहद जरुरी है आधार की कई घटनाये सामने आई है जिसने अपनों से बिछड़े लोग मिल गए है कुछ ऐसी ही सच्ची घटना है कि मध्य प्रदेश से सामने आई है मध्य प्रदेश के रहने वाले ‘अमन’ जो दिमागी तौर पर कमजोर थे न तो अपने बारे में बता पा रहे न ही ठीक से बोल पाते थे।
अमन आठ साल जब वह 10 साल के थे तब मध्य प्रदेश के जबलपुर से गायब हो गए थे।और साल 2015 में पुलिस को वह रेलवे स्टेशन पर मिला और पुलिस उसे अनाथालय लेकर आई। अच्छी बात तो यह थी की जब अम्न लापता हुआ था उसके पलहे उसका उसके माता पिता ने आधार में उसका पंजीकरण करा दिया था,
जिससे आखिरकार उसका पता लगाया जा सका। एक स्कूल मेंअड्मिशन की बरी आई तो आधार से पता चला कि अमन के असली माता-पिता कौन हैं।अब अमन 18 साल का हो चूका है अमन को उनके माता-पिता से मिलाने वाले समर्थ दामले ने बताया कि जब अमन मिला तो वह बड़ी मुश्किल से अम्मा-अम्मा बोल पाता था।
उसे 2015 तक अनाथालय में रखा गया, जिसे खुद दामले चलाते थे। दामले ने दिन-रात एक करके आधार के जरिये अमन के माता-पिता का पता लगाने की ठानी और वह इसमें कामयाब रहे। किसी कारण से 2015 में अनाथालय बंद हुआ तो दामले उसे अपने घर लेकर आए परिवार के एक सदस्य के रूप में रखा। दामले के परिवार में एक बेटा और बेटी हैं। दामले ने अमन को इस साल जून में एक स्थानीय स्कूल में 10वीं में दाखिला दिलवाया।
स्कूल में एड्मिशन के समय अमन के आधार की जरूरत पड़ी तो उन्होंने उसका आधार बनवाने की कोशिश की।मगर, जैसे ही आधार पंजीकरण करवाने का प्रयास किया गया, बॉयोमीट्रिक मसले के चलते पंजीकरण नहीं हो पा रहा था।
उसके बाद दामले ने नागपुर के मानकपुर इलाके में आधार कार्यालय से संपर्क साधा, जहां उन्हें पता लगा कि अमन का आधार पंजीकरण तो पहले से ही हो चुका है और उसका असली नाम मोहम्मद आमिर है। आधार पंजीकरण से ही अमन और मोहम्मद आमिर की फोटो मेल खा गई।
उसके बाद अमन के जबलपुर के हनुमानताल में रहने वाले असली माता-पितासे संपर्क किया गया, जो वहां पर खानपान की दुकान चलाते हैं। आखिरकार सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमन को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।