पीएम मोदी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 68वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि जी और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उनके प्रयासों को याद किया.मोदी ने ट्वीट कर कहा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद कर रहा हूं. उनके महान आदर्श, समृद्ध विचार और लोगों की सेवा करने कीप्रतिब-द्धता हमें प्रेरित करती रहेगी. राष्ट्रीय एकता के उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुखर्जी को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का शिल्पी बताया और कहा कि वह ना सिर्फ मातृभाषा को शिक्षा का माध्यम बनाने के पक्षधर थे बल्कि मानते थे कि विकास में जनभागीदारी के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता.उन्होंने सत्ता की लालसा नहीं बल्कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के ध्येय को लेकर जनसंघ की स्थापना की. मुखर्जी ने देश की अस्मिता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उन्होंने भारत का पुनः विभाजन होने से बचाया. उनका त्याग, समर्पण और उनके आदर्श युग-युगांतर तक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे. ऐसे अभिजात देशभक्त के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन.
Remembering Dr. Syama Prasad Mookerjee on his Punya Tithi. His noble ideals, rich thoughts and commitment to serve people will continue to inspire us. His efforts towards national integration will never be forgotten.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 23, 2021
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई थी मुखर्जी को 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर में प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था. मुखर्जी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने का मुखरता से विरोध किया था.