आज सारा देश जहा कोरोना महामारी से जूझ रहा है। सब जगह स्वस्थ सम्बन्धी सेवाय अपने लचर हाल पर आ गई है। लोग बीमारी से तो परेशान है ही ,इसके साथ ही अस्पतालों में भी परेशानी हो रही है।
किसी के परिवार में यदि कोई सदस्य बीमार हो जाता है तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है। ऐसे में शासकीय अस्पताल में हालत , सुविधाओं के नाम पर सिर्फ कहने को है ,यहाँ अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे है ,वही दवाइयों का टोटा बना रहता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों से बाहर से दवाइया मॅगाई जा रही है। गंभीर मरीजों को लगने वाले इंजेक्शन भी , मरीजों के परिजनों से बुलवाले जा रहे है। ऑक्सिजन ,की व्यवस्था परिजनों को स्वयं करने को कही जा रही है। ऐसे में गरीबो को इलाज करना बहुत महगा साबित हो रहा है।
वो तो गनीमत है की , ऐसे विपरीत स्थिति में मानवता का परिचय देते हुआ रात दिन की परवाह किया बगैर नरसिंग़पुर के युवा मोनू पटेल , ने अपना तन ,मन ,धन लगाकर जरुरत मंदो को समय पर ऑक्सिजन ,अस्पताल ,दवाइया एवं खाने का भी इंतजाम किया।
अभी कोरोना महामारी से ठीक हुए कुछ लोग ब्लैक फ़ंगस का शिकार हो रहे है। यहाँ ब्लैक फ़ंगस के लिए दवाइया ,इंजेक्शन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे है।
बता दे भविष्य में ब्लैक फ़ंगस का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। नरसिंग़पुर के अधिकारी कह रहे है हमारे पास इंजेक्शन नहीं है आप बाहर से पता करो, ओर बाहर पता करने पर नहीं मिल रहे 4 दिन से उपर हो गये!! शोर्टेज है ये कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते है।
आम जनता का मत की इस कोरोना महामारी में जो लोग जीवन रक्षक इंजेक्शन ,ऑक्सिजन ,दवाइया की काला बाजारी कर रहे है। उन्हें काला बाजारी रोकने के लिए सख्त से सख्त कार्यवाही करे।