प्रधानमंत्री मोदी के इंडिया गेट पर प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाए जाने की घोषणा किए जाने को उनकी बेटी अनीता बोस-फाफ ने एक अच्छा कदम बताया और उम्मीद जताई की कि यह गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी को शामिल नहीं किए जाने को लेकर उपजे विवाद को शांत करेगा।
राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक अद्वैत गडनायक ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में इंडिया गेट पर लगाए जाने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रस्तावित प्रतिमा को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा 25 फीट ऊंची होगी और इसका निर्माण ग्रेनाइट पत्थर से किया जाएगा।
गडनायक ने कहा कि बतौर मूर्तिकार मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि प्रधानमंत्री ने मुझे इस जिम्मेदारी देने के लिए चुना। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा रायसीना हिल से स्पष्ट नजर आएगी और इस प्रतिमा के लिए पत्थर तेलंगाना से लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा की डिजाइन संस्कृति मंत्रालय ने तैयार किया है। गडनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ ही प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। यह प्रतिमा नेताजी के मजबूत किरदार का दर्शन कराएगी।
जर्मनी में रहने वाली नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा अनीता बोस-फाफ ने फोन पर वहां से को बताया, मैं फैसले से बहुत खुश हूं। यह (इंडिया गेट) बहुत अच्छा स्थान है। मुझे निश्चित रूप से खुशी है कि उनकी प्रतिमा को इतने प्रमुख स्थान पर लगाया जाएगा। मुझे आश्चर्य है कि यह अब अचानक हुआ। मुझे कहना होगा कि देर आए दुरुस्त आए। बोस ने कहा भारत की आर्थिक मजबूती उनका सपना था। उन्होंने देश के आजादी हासिल करने से पहले ही योजना आयोग गठित कर दिया था।