कौन हैं ,सिलिकॉन वैली की, एलिजाबेथ होम्स

  इसी सप्ताह अमेरिका में एक हेल्थ-टेक्नोलॉजी कंपनी का बड़ा आपराधिक मामला सामने आया है. कैलिफोर्निया में सेन जोस की…
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इसी सप्ताह अमेरिका में एक हेल्थ-टेक्नोलॉजी कंपनी का बड़ा आपराधिक मामला सामने आया है. कैलिफोर्निया में सेन जोस की एक अदालत ने थेरैनोस नाम की स्टार्टअप कंपनी की मालकिन एलिजाबेथ होम्स को आपराधिक धोखाधड़ी के चार मामलों में दोषी पाया है. होम्स का उत्थान और पतन तकनीकी स्टार्ट अप संस्कृति के काले पहलू की एक ऐसी मिसाल बन गया है जिससे सबक लेने की जरूरत है जिसमें अमीर बनने की चाहत में किए गए उपाय ही बर्बादी की वजह बन जाते  हैं. यह अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी एक सबक है कि कैसे उम्मीदों और वादों के आधार पर एक प्रक्रिया शुरू कर नए नए लक्ष्य निर्धारित होते रहते हैं, कंपनी तरक्की करती रहती है लेकिन अंततः सब खत्म ही हो जाता है.

कैसे हुई शुरुआत- साल 2003 में 19 साल की उम्र में होम्स ने अपने टेक स्टार्टअप कंपनी की शुरूआत की जिसमें उन्होंने चिकित्सा निदान परीक्षण की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव की कल्पना रखी. उन्होंने दावा किया है कि वे एक स्वसेवा वाले ऐसे घरेलू उपकरण को विकसित करने की कागर पर हैं जो बहुत सारे परीक्षणों को खून की कुछ बूंदों से ही कर सकता है.

तेजी से बढ़ती कंपनी- 2014 आते आते तक थेरैनोस कंपनी का मूल्य 9 अरब डॉलर हो गया था. और होम्स फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची में शामिल हो चुकी थी. उनकी कंपनी में रूपर्ट मुर्डोक, ऑरेकल के संस्थापक लैरी इलीसन, वाल्मार्ट के वाल्टन परिवार जैसे निवेशक शामिल थे. बोर्ड में अमेरिकी के  पूर्व विदेश मंत्री जॉर्ज शुल्ट्ज और हेनरी किसिंजर शामिल बताए.

कब हुआ खुलासा- वहीं होम्स यह दावा करती रहीं थेरैनोस तकनीक जल्दी ही खून की एक ही बूंद से कैंसर का पता लगा लेगी. अक्टूबर 2015 में वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट बताया गया कि थेरैनोस की दावे संदेहास्पद है. जल्द  ही पूरी सच्चाई सामने आ गई और कंपनी के दावों की इमारत कुछ ही महीने में ढह गई.

क्या पता चला- अमेरिकी अधिकारियों ने पाया कि कंपनी ने परीक्षण के लिए कुछ अनाधिकृत उपकरणों का उपयोग का है. साथ ही यह भी पाया गया है कि कंपनी की सुविधाओं में से एक ने मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है जिसमें गुणवत्ता नियामक मानकों का स्तर काफी नीचे रहा और उपकरणों की सही तरह से परख नहीं की गई.

बंद हो गई कंपनी- अमेरिका के प्रतिभूति और प्रवर्तन आयोग ने थेरैनोस और होम्स पर प्रतिभूतियों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप लगाया और उनसे कंपनी के नियंत्रण और भागीदारी छीन ली गई. जून 2018 में उन पर आपराधिक धोखाधडी का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज किया और तीन महीने के बाद कंपनी बंद हो गई.

लालच की दौड़- इस कहानी से हमें कई सबक मिलते हैं, लेकिन इसमें सबसे अहम सबक यही है कि यह उम्मीदों और वादों के जरिए असीम लाचल के लिए दौड़ की मिसाल है. इसमें बहुत ही अधिक मात्रा में मुनाफा कमाने की होड़ की आशा पैदा गई थी. बेशक होम्स के विचार और उनकी निष्ठा 2003 में सही ही रहा हो. लेकिन उन्होंने जिस तरह की क्रांतिकारी उम्मीदें और आशाएं दिखाई वह पूरी तरह से गलत साबित हुईं.

इतना ही नहीं इन उम्मीदों को कायम रखने के लिए और ज्यादा ऊंचे लक्ष्य रखे गए.  और ज्यादा आंकड़े जुटाकर पेश किए गए जिससे और पैसा मिलने पर बेहतर नतीजे मिलने की संभावना बरकरार रह सके. इसी का बढ़ता दबाव कंपनियों को मजबूर करता है कि वे बेईमान और दिखावटी होने के विकल्प पर विचार करने लगते हैं. होम्स ने ऐसा ही किया था.

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