भारत में औरंगजेब को सख्त और ताकतवर मुगल बादशाह माना जाता था. उससे लोग डरते थे लेकिन एक अंग्रेज समुद्री लुटेरे कैप्टेन हेनरी एवरी ने उसे तगड़ा झटका दिया. जिस समुद्री लुटेरों ने इस लूट को अंजाम दिया, उन्होंने खूब कत्लेआम भी मचाया. पहली बार इन लुटेरों की तलाश के लिए बडे़ पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया. मुगल बादशाह धर्म को लेकर कट्टर तो था साथ ही अपने कड़े फैसलों और जनता पर तरह तरह के टैक्स लगाने के कारण खासा अलोकप्रिय भी था. माना जाता है कि औरंगजेब मुगल बादशाहों में सबसे ज्यादा धनी राजा था. उसके पास अकूत दौलत थी. उसका व्यापारिक जहाज गंज ए सवाई वैभव का प्रतीक था.
गंज ए सवाई बहुत बड़ा जहाज था. वो खाड़ी देशों तक लंबी यात्राएं करता था. इससे व्यापार तो होता ही था. साथ ही बड़े पैमाने पर धनी लोग और हज यात्री भी इससे यात्रा करते थे. ये 1600 टन वजन वाला जहाज था. इसे खासा सुरक्षित भी माना जाता था. इसमें 80 तोपें लगी हुई थीं. इसके साथ हमेशा एक सैन्य जहाज भी चलता था, ताकि वो इसकी सुरक्षा करे.
माना जाता है कि ये जहाज जब खाड़ी देशों से लौटता था तो इस पर अकूत धन दौलत और सोना चांदी लदा होता था. इसमें इतना धन होता था कि लोगों की आंखें चौंधिया जाएं. औरंगजेब इस जहाज का मालिक था. उसे इस जहाज पर बहुत गर्व था. उसे ये भी लगता था कि उसका ये जहाज सबसे सुरक्षित जहाजों में एक है लेकिन उसकी ये धारणा गलत निकली. कुछ मुट्ठीभर समुद्री लुटेरों ने मुगल जहाज को बुरी तरह लूटा और कत्लेआम भी मचाया.
बात 1695 की है. औरंगजेब का जहाज गंज ए सवाई यमन से सूरत आ रहा था. उस पर काफी धन दौलत तो लदी ही थी. बहुत से धनी व्यापारी भी उससे यात्रा कर रहे थे. जहाज पर बड़ी संख्या में हज यात्रा करके लौट रहे लोग भी थे, जिसमें खुद औरंगजेब के बेटा, बेटियां, रिश्तेदार भी थे. मुगल जहाज के साथ 25 जहाजों का बेड़ा था. उस साल हिंद महासागर और आसपास के समुद्र में कैप्टेन हेनरी एवरी की अगुवाई में उभरे समुद्री डाकुओं के गैंग ने जमकर लूटपाट की थी. उन्होंने कई जहाजों को लूटकर खूब पैसा बनाया था. जब कैप्टन एवरी को पता लगा कि मुगल जहाजों का बेड़ा काफी धन दौलत और जेवरात के साथ वहां से गुजरने वाला है. वो तैयार हो गए. उन्होंने इस जहाजी बेडे का पीछा करना शुरू किया.
कैप्टेन हेनरी एवरी को दुनिया के समुद्री डाकुओं का किंग कहा जाने लगा था. उसके अपने जहाज का नाम फैंसी था. ये छोटा लेकिन तेजी से चलने वाला जहाज था. उसके साथ ही कई और डाकुओं के जहाजों का बेड़ा था. यानि लुटेरों का एक ठीकठाक गैंग था. इन समुद्री डाकुओं को लालच दिया गया था कि मुगल जहाज के बेड़े की लूट से हर किसी को बहुत मोटा माल मिलेगा. कई दिनों तक पीछा करने के बाद समुद्री डाकुओं ने मुगल जहाजी बेडे को पकड़ लिया. दस्युओं की तेजी और रणनीति के आगे मुगल जहाजी बेडे की सुरक्षा धरी की धरी रह गई. कैप्टेन हेनरी के लुटेरों ने अकूत धन दौलत, सोना चांदी तो लूटा ही लेकिन उन्होंने मुख्य जहाज गंज ए सवाई में भीषण कत्लेआम भी मचाया. महिलाओं से रेप किया.
इस लूट के बाद कैप्टेन एवरी ने अपने सभी जहाजियों को भरपूर पैसा दिया. सब तितर-बितर हो गए. कैप्टेन एवरी का पता भी नहीं चला कि वो आखिर कहां गायब हो गया. जब भारत में औरंगजेब तक ये खबर पहुंची तो वो आगबबूला हो गया. ईस्टइंडिया कंपनी से उसने व्यापारिक संबंध ही नहीं तोड़े बल्कि सूरत की उनकी चारों फैक्ट्रियां बंद कर दीं. वहां अंग्रेज अफसरों को जेल में डाल दिया गया.
तब ईस्ट इंडिया कंपनी ने औरंगजेब को खुश करने की बहुत कोशिश की. उन्होंने ना केवल लूट का पैसा खुद लौटाने का आश्वासन दिया बल्कि कैप्टेन एवरी के सिर पर 500 पाउंड का इनाम रखा गया. जो फिर दोगुना कर दिया गया. लेकिन कैप्टन एवरी भरपूर तलाश के बाद भी नहीं मिला. कहा जाता है कि इस लूट के बाद उसके पास इतना पैसा हो गया कि उसने लूटपाट बंद करके अपनी बाकी की जिंदगी ऐश से बिताई.
माना जाता है कि उसने इसके बाद अपना नाम और पहचान बदल ली. वो धनी शख्स की तरह या तो इंग्लैंड में रहने लगा या फिर किसी अनजान द्वीप पर रिहाइश बनाई. हालांकि उसके गैंग के कुछ डाकू पकड़े भी गए लेकिन कोई उसके बारे में कुछ नहीं बता सका. बाद में कैप्टेन हेनरी को लेकर कई फिल्में भी बनाई गईं.
पिछले दिनों ब्रिटेन के एक द्वीप रोडे में एक बागीचे की खुदाई में औरंगजेब के शासनकाल के सिक्के मिले. कुछ सिक्के वहां अरब सागर में भी पाए गए. जिससे औरंगजेब के जहाज की लूट फिर चर्चाओं में आ गई. औरंगजेब के जहाज गंज ए सवाई को लेकर बिग बी अमिताभ बच्चन द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले टीवी प्रोग्राम कौन बनेगा करोड़पति यानि केबीसी में भी एक करोड़ का सवाल पूछा गया था.