अभिनेता संजीव कुमार का जन्म 9 जुलाई 1938 गुजरात में हुआ था।आज संजीव कुमार की 83वीं जयंती है। संजीव कुमार का असली नाम हरिहर जेठालाल जरीवाला था और करीबी लोग उन्हें हरीभाई कहते थे।संजीव कुमार ने अपने अभिनय जीवन की शुरुआत इप्टा के स्टेज से की थी। इसके बाद वे इंडियन नेशनल थिएटर से जुड़ गए थे।
संजीव कुमार बचपन से ही अभिनेता ही बनना चाहते थे।उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1960 में आई फिल्म ‘हम हिंदुस्तानी’ से हुई लेकिन बतौर लीड एक्टर वह फिल्म निशान में नजर आए। अपने जीवन में संजीव कुमार ने कई अभिनेत्रियों से रोमांस किया। संजीव कुमार और जया बच्चन की जोड़ी एक समय बहुत हिट रही।
शोले की शूटिंग के दौरान हेमा मालिनी को दिल देने की खबरें सुर्खियों में बनी रहीं फिर हेमा का कथित इनकार और उनका आजीवन कुंवारा रहना, अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित का उनको दिल देना, फिर सुलक्षणा पंडित का आजीवन कुंवारा रहना, सब कुछ संजवी कुमार के जीवन में घटित होता चला गया। में संजीव कुमार ने फिल्म ‘शोले ठाकुर का रोल निभाया था इस रोल को धर्मेन्द्र करना चाहते थे। लेकिन हेमा मालिनी से रोमांस के चक्कर में उन्होंने जिद छोड़ दी। और इतिहास गवाह है ठाकुर के रोल के कारण संजीव कुमार को आज तक याद किया जाता है।
संजीव कुमार का साल 1984 में सिर्फ 47 की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। उन्हें हमेशा इस बात का डर रहता था कि वो जल्दी ही दुनिया को अलविदा कह देंगेइसके पीछे उनका एक डर था जो उनके मन में बैठ गया था।दरअसल अधिकतर उनके परिवार में पुरषो की युवावस्था में ही मौत हो गई थी।ऐसे में संजीव कुमार को भी यही लगता था कि वो भी 50 से कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह देंगे।देखिए हुआ भी कुछ ऐसा ही। जुहू में घर खरीदने के बाद शिफ्ट होने से पहले ही उनकी 6 नवंबर 1985 को 47 साल की उम्र में मृत्यु हो गई।
संजीव कुमार हिंदी सिनेमा के ऐसे अभिनेता थे, जिनका लोहा हर कोई मानता था। उन्होंने सिनेमा में अपनी अलग जगह बनाई थी महान अभिनेता दिलीप कुमार भी उनके अभिनय की तारीफ करते थे।संजीव कुमार को दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
संजीव कुमार ने आंधी’, ‘मौसम’, ‘नमकीन’, ‘अंगूर’, ‘सत्यकाम’, ‘मौसम’, ‘आंधी’, ‘दस्तक’, ‘कोशिश’, ‘नौकर’, ‘नमकीन’, ‘अंगूर’, ‘आशीर्वाद’, ‘चरित्रहीन’, ‘नया दिन नई रात’, ‘पति-पत्नी और वो’ जैसी तमाम बेहतरीन फिल्में की थी।