कोहरे का ‘येलो अलर्ट’: दिल्ली में शून्य विजिबिलिटी से थमी रफ्तार, उड़ानों और ट्रेनों पर भारी संकट

दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन ठप दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI) आज सुबह घने कोहरे की चादर…
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दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन ठप

दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI) आज सुबह घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। रनवे पर दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच दर्ज की गई, जिसके कारण उड़ान संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। हवाई अड्डा अधिकारियों ने ‘कैट-III’ (CAT-III) नेविगेशन सिस्टम लागू किया है, जो कम दृश्यता में लैंडिंग में मदद करता है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा कारणों से 50 से अधिक उड़ानों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइंस से अपनी उड़ान की स्थिति की जांच जरूर कर लें, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी घंटों की देरी से चल रही हैं।

भारतीय रेलवे की रफ्तार पर ब्रेक

कोहरे का सबसे घातक असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। उत्तर रेलवे के अनुसार, दिल्ली आने वाली और यहाँ से गुजरने वाली लगभग 100 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 5 से 15 घंटे की देरी से चल रही हैं। राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी इस मौसम की मार से नहीं बच सकीं। कोहरे के कारण लोको-पायलटों को ‘फॉग सिग्नल’ डिवाइस का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे ट्रेनों की गति 30-40 किमी प्रति घंटा तक सीमित हो गई है। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो कड़ाके की ठंड में अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।

सड़क यातायात और एक्सप्रेस-वे पर जोखिम

सड़क मार्गों पर स्थिति और भी भयावह है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर दृश्यता लगभग नगण्य होने के कारण वाहनों की कतारें लग गई हैं। कोहरे की वजह से सड़क दुर्घटनाओं की खबरें भी सामने आ रही हैं। यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वाहन चालकों को ‘फॉग लाइट’ और ‘इंडिकेटर’ का निरंतर उपयोग करने तथा गति सीमा बेहद कम रखने का निर्देश दिया है। कई जगहों पर विजिबिलिटी इतनी कम है कि चालकों को सड़क के किनारे वाहन खड़े करने पड़े हैं। ट्रक और भारी वाहनों के प्रवेश पर भी कोहरे के दौरान विशेष निगरानी रखी जा रही है।

यात्रियों की परेशानियां और एयरलाइंस का प्रबंधन

हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर फंसे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उड़ानों के अचानक रद्द होने या समय में बदलाव के कारण टर्मिनल के अंदर भारी भीड़ जमा हो गई है। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भोजन और आराम की व्यवस्था न होने की शिकायत की है। दूसरी ओर, इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है ताकि यात्रियों को रिफंड या रिशेड्यूलिंग में मदद मिल सके। हालांकि, उड़ानों के ‘चेन रिएक्शन’ के कारण देश के अन्य हिस्सों, जैसे मुंबई और बेंगलुरु में भी उड़ानों का समय गड़बड़ा गया है, जिससे पूरे देश का विमानन नेटवर्क प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग की चेतावनी और पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं और नमी के मिलने से यह ‘सुपर फॉग’ की स्थिति बनी है। पालम और सफदरजंग मौसम केंद्रों ने चेतावनी दी है कि रात 10 बजे से सुबह 11 बजे के बीच कोहरा अपने चरम पर रहेगा। प्रदूषण के उच्च स्तर ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे ‘स्मॉग’ (Smog) की मोटी परत बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक तेज हवाएं नहीं चलतीं, तब तक दृश्यता में सुधार की संभावना कम है, जिससे आने वाले दो दिन यातायात के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे।

अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स पर प्रभाव

यातायात की इस सुस्ती का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स चेन पर पड़ रहा है। दिल्ली-NCR भारत का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब है, जहाँ से उत्तर भारत के लिए माल की आपूर्ति होती है। कोहरे के कारण ई-कॉमर्स डिलीवरी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में 24 से 48 घंटे की देरी हो रही है। फल, सब्जी और दूध जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं की ढुलाई करने वाले ट्रक रास्तों में फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में कीमतों में उछाल आने की संभावना है। व्यापारिक संगठनों का अनुमान है कि यातायात में इस व्यवधान से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापारिक नुकसान हो रहा है, जो शीत लहर के जारी रहने तक बना रह सकता है।

News29

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