बारामती विमान हादसे की प्रारंभिक जांच और ब्लैक बॉक्स की बरामदगी
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों को स्तब्ध कर देने वाले इस हादसे के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमों ने आज बड़ी सफलता हासिल की है। दुर्घटनास्थल से ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद कर लिया गया है, जिसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) दोनों शामिल हैं। यह उपकरण अब दिल्ली स्थित प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजे जाएंगे। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस डेटा से यह साफ हो सकेगा कि लैंडिंग के उन अंतिम क्षणों में विमान के भीतर क्या स्थिति थी और क्या किसी तकनीकी विफलता या मानवीय चूक के कारण यह भयानक हादसा हुआ।
हादसे का घटनाक्रम और विमान की अंतिम उड़ान का विवरण
बुधवार, 28 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 8:10 बजे यह ‘लेयरजेट 45’ चार्टर्ड विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से बारामती के लिए रवाना हुआ था। विमान में सवार अजित पवार जिला परिषद चुनाव की एक महत्वपूर्ण रैली को संबोधित करने जा रहे थे। सुबह करीब 8:44 बजे जब विमान बारामती हवाई पट्टी पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तब पायलटों ने ‘गो-अराउंड’ (दोबारा प्रयास) करने का निर्णय लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरे प्रयास के दौरान विमान अचानक असंतुलित होकर रनवे की दहलीज के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कुछ ही सेकंड में आग के गोले में तब्दील हो गया।
मारे गए पांच व्यक्तियों की पहचान और उनका दुखद अंत
इस भीषण दुर्घटना में कुल पांच लोगों की जान गई, जिनमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (66) प्रमुख थे। उनके साथ उनके भरोसेमंद निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी मौजूद थे। विमान का संचालन बेहद अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर (16,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव) और को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक कर रहे थे। विमान में लगी आग इतनी तीव्र थी कि बचाव दल को करीब पहुंचने का मौका भी नहीं मिला। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने शवों की शिनाख्त पूरी करने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।
मौसम और दृश्यता की स्थिति पर गहराता रहस्य
हादसे के समय बारामती के मौसम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक मौसम रिपोर्ट (METAR) के अनुसार, दृश्यता करीब 3,000 से 3,500 मीटर के बीच थी, जिसे विमान उतारने के लिए पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, चार्टर ऑपरेटर ‘वीएसआर वेंचर्स’ के अधिकारियों का संकेत है कि रनवे 11 पर लैंडिंग के दौरान अचानक दृश्यता कम हुई होगी, जिससे पायलटों को भ्रम हुआ। हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) के साथ हुई आखिरी बातचीत में पायलटों ने किसी आपातकालीन स्थिति का संकेत नहीं दिया था, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या विमान में कोई अचानक यांत्रिक विफलता हुई थी।
अजित पवार का राजनीतिक सफर और महाराष्ट्र में गहरा शोक
अजित पवार, जिन्हें प्यार से ‘अजित दादा’ कहा जाता था, महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली स्तंभों में से एक थे। वे राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक और छह बार उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे। उनके आकस्मिक निधन से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और महायुति सरकार में एक अपूरणीय शून्य पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। आज सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उनके अंतिम संस्कार के दौरान लाखों समर्थकों की भीड़ ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।
विमानन सुरक्षा और जांच के भविष्य पर उठते सवाल
इस हादसे ने भारत में चार्टर विमानों और वीआईपी (VIP) उड़ानों की सुरक्षा ऑडिट पर एक नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेताओं ने इस मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसी कुछ हस्तियों ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की अपील की है। फिलहाल, DGCA विमान के रखरखाव के रिकॉर्ड और कंपनी की संचालन प्रक्रियाओं की गहनता से जांच कर रहा है। आने वाले 48 घंटों में ब्लैक बॉक्स से निकलने वाला डेटा यह तय करेगा कि क्या यह केवल एक दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी बड़ी लापरवाही का हाथ था।