रामायण’ में राम के परमभक्त हनुमान का किरदार निभाने वाले दारा सिंह का आज जन्मदिवस है।दारा सिंह रंधावा का जन्म दीदार सिंह रंधावा के रूप में 19 नवंबर 1928 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। वह प्रसिध्द अभिनेता, पहलवान और नेता थे। वह एसे पहले स्पोर्ट्समैन थे जिन्हें राज्यसभा के लिये नॉमिनेट किया गया था।
यूं तो दारा सिंह ने अपनी पहलवानी की वजह पूरे देश में काफी वाहवाही लूटी थी। लेकिन, उन्हें असली पहचान 80 के दशक में आए ‘रामायण’ से मिली। स्वभाव से बेहद शांत और मृदुभाषी दारा सिंह ने हनुमान के किरदार में इस कदर जान फूंकी कि हर कोई उन्हें ही हनुमान समझ पूजने लगा था। आज भी कई लोग अपने मंदिर में हनुमान जी के रूप में दारा सिंह की तस्वीर लगाकर पूजा करते हैं।
ऐसे में हम आपको उनसे जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं। पढ़िए…”
दारा सिंह, बेहद संजीदा और जिंदादिल आदमी थे। उनकी पहलवानी और अभिनय के कई किस्से हैं, जो उनके दोस्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। दारा सिंह के इन्हीं किस्सों में से एक किस्सा रामायण सीरियल में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी ने सुनाया था। सुनील ने बताया था किस तरह रील लाइफ में हनुमान का किरदार निभाने वाले दारा सिंह ने रियल लाइफ में भी हीरो का काम किया था।
सुनील बताते हैं, हम ‘रामायण’ सीरियल के सिलसिले में पहली बार देश से बाहर केन्या गए थे। एक दिन मैं और दारा सिंह जी शॉपिंग करने निकले। दारा सिंह जी ने मॉल से मेरी लिए एक बैग खरीदा था। हम उस बैग को हाथ में पकड़े वापस जा रहे थे। दारा सिंह जी मेरे आगे चल रहे थे। तभी, पीछे से एक चोर आया और मेरे हाथों से बैग छीनकर भागने लगा। मेरे शोर मचाने पर धारा सिंह जी पलटे और उन्होंने चोर को पकड़कर जमीन पर पटक दिया। और इस तरह उन्होंने मेरा बैग चोरी होने से बचा लिया। यह किस्सा बताते समय सुनील, दारा सिंह को याद कर भावुक हो गए थे।
सुनील ने बताया था कि उन्होंने आज भी उस बैग को अपने पास संभालकर रखा है। सुनील कहते हैं कि यह महान दारा सिंह जी की दी हुई निशानी है। और इसलिए मेरे लिए यह बैग बहुत कीमती है। यह इकलौता किस्सा नहीं है। उनके साथ काम करने वालों के पास उनसे जुड़े बहुत से किस्से हैं, जो उनकी महानता का परिचायक हैं।