पीपल का पेड़ न केवल हिन्दू पौराणिक कथाओं में ही पूज्यनिय माना गया है,। हिन्दू धर्म में अनेक अवसरों पर पीपल के पेड़ की पूजा होती है, लेकिन आदिकाल से ही पीपल के पत्ते ,छाल और फल आदि कई मानव शरीर की कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। पीपल पेड़से हमें चौबीसो घंटे ऑक्सीजन प्राप्त होती है। पीपल को अंग्रेजी में पीपल ट्री (Peepal tree), द बो ट्री (The Bo tree), बोद्ध ट्री (Bodh Tree), उर्दू में पिपल और गुजराती में पीपरों के नाम से जाना जाता है। पंजाबी और नेपाली में भी इसे पीपल ही कहते हैं।
आइये जाने कुछ ज्ञानवर्धक जानकारी
1. किसी को हकलाने की समस्या हो तो पीपल लाभ पहुंचाता है।आधी चम्मच पीपल के पके फल के चूर्ण में शहद मिलाकर उसका सुबह-शाम सेवन करने से हकलाहट की बीमारी में लाभ होता है।
2. आपको हिचकी, उल्टी या बहुत ज्यादा प्यास लगने की समस्या है तो पीपल की 50-100 ग्राम छाल के कोयलों को पानी में बुझा लें। इस पानी को साफ कर पीने से इन समस्याओं में लाभ मिलता है।
3. भूख न लगना या कम लगना। यह समस्या बहुत लोगो को होती है। इसमें आप पीपल के पके फलों का सेवन करें। इससे कफ, पित्त, रक्तदोष, विष दोष, जलन, उल्टी तथा भूख की कमी की समस्या ठीक होती है।
4. पैरों की एड़ियां फटना , भी बहुत लोग शिकायत करते है इस समस्या का हल करने के लिए पीपल के पत्तों का रस या दूध लगाएं।
5. नाक से खून निकलने की समस्या में पीपल के ताजे पत्तों का रस फायदा करता है।
6. पीपल की छाल और इमली से बने काढ़े को पीने से अनियमित मासिक धर्म में फायदा मिलता है।
7. पीपल की छाल के चूर्ण को जले हुए स्थान पर छिड़कने से तुरंत ही लाभ मिलता है।
8. पुराने तथा न भरने वाले घावों पर पीपल की अंतर छाल को गुलाब जल में घिसकर लगाएं।
9. ताजे झड़े हुए पीपल के पत्ते के बारीक चूर्ण को घाव पर छिड़कने से घाव ठीक हो जाता है।
उपरोक्त लेख जानकारी मात्र है। किसी भी रोगो का उपचार चिकित्सीय परामर्श से करे।