माइक और ब्रुक के बच्चों की उम्र 3 साल, 8 साल और 6 साल है. मैक्स, माइला और डेज़ी नाम की तीनों बेटियां उनके साथ अलग-अलग देशों में जा चुकी हैं. चूंकि बच्चों की उम्र बेसिक शिक्षा लेने की है, ऐसे में माता-पिता ने उनके लिए एक शेड्यूल बना रखा है. उन्होंने फरवरी, 2020 में अपना टुअर शुरू किया था और अब तक ये जारी है.
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहने वाले माइक पोप जहां खुद फायरफाइटर के तौर पर काम करते थे, वहीं उनकी पत्नी ट्रैवेल एजेंट थीं. दोनों ने अपनी फुल टाइम नौकरी छोड़कर ट्रैवेलिंग लाइफस्टाइल अपनाई है. अब वे ऑनलाइन मार्केटिंग के ज़रिये अपनी ज़िंदगी की ज़रूरतें पूरी कर रहे हैं.अब तक ये घुमक्कड़ परिवार माल्टा, मैक्सिको, सर्बिया, बोस्टन, फ्लोरिडा, आइसलैंड, टर्की, यूनाइटेड किंगडम जैसी जगहों की सैर कर चुका है. पति-पत्नी दोनों को ही घूमने-फिरने का शौक है. ऐसे में उन्होंने बच्चों से पहले और बच्चों के बाद भी अपने इस शौक को मरने नहीं दिया.
जब ये कपल घर से निकला था, तब उनकी छोटी बेटी का जन्म ही हुआ था. अब वो 3 साल की हो चुकी है और उसका ज्यादातर वक्त पैरेंट्स के साथ घूमते हुए ही निकला. सिर्फ कोविड-19 के वक्त वे लोग मैक्सिको में 4 महीने के लिए फंस गए थे. कोविड के कम होते ही उन्होंने यूरोप के कई देश घूम डाले, हालांकि तब वे महामारी के दौरान सावधानी बरतकर चलते थे.
अब ट्रैवेलिंग के दौरान बच्चे स्कूल या ट्यूशन तो जा नहीं सकते. ऐसे में कपल ने उनके लिए पढ़ाई का एक टाइमटेबल सेट किया था. वे सभी बच्चों को रोज़ाना सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए पढ़ाते हैं और उन्हें लगता है कि ये काफी है. उनका मानना है कि हर गुजरते हुए दिन के साथ बच्चे कुछ न कुछ सीख रहे हैं.”
बच्चे 2 घंटे से कम वक्त में भी काफी कुछ जान लेते हैं, इसके अलावा उनका ज्यादातर ज्ञान व्यावहारिक है. वे नए लोगों से मिलते हैं, नए दोस्त बनाते हैं. वे इस तरह घुमक्कड़ ज़िंदगी से जो सीख रहे हैं, वो कहीं और नहीं सीख सकते थे. जब बच्चों को अपने दोस्तों की याद आती है, तो वे मेलबर्न अपने घर आ जाते हैं. अब वे बच्चों को किसी और देश में स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते हैं और कुछ सालों का ब्रेक लेना चाहते हैं.