अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से मची खलबली
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आने के बाद नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें पिछले कुछ दिनों से कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत थी। मंगलवार सुबह जब उनकी स्थिति अधिक चिंताजनक लगी, तो डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्हें एम्स के प्राइवेट वार्ड में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी प्राथमिक जांच कर रही है।
बेहोशी के लक्षणों ने बढ़ाई डॉक्टरों की चिंता
अस्पताल के सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगदीप धनखड़ पिछले एक सप्ताह के भीतर कम से कम दो बार बेहोश (Syncopal Attack) हुए थे। बेहोशी के इन दौरों के पीछे के कारणों का पता लगाना डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डॉक्टरों का मानना है कि यह रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, निर्जलीकरण या किसी अन्य अंतर्निहित न्यूरोलॉजिकल कारण से हो सकता है। उनकी उम्र और पिछले मेडिकल इतिहास को देखते हुए, मेडिकल टीम किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती है। फिलहाल उनके कई महत्वपूर्ण टेस्ट किए जा रहे हैं ताकि बेहोशी के सटीक कारणों की पहचान की जा सके।
विशेषज्ञों की टीम और गहन चिकित्सा जांच
एम्स प्रशासन ने पूर्व उपराष्ट्रपति के इलाज के लिए कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों का एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया है। वर्तमान में उनके रक्त की जांच, ईसीजी, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण किए जा रहे हैं। डॉक्टर इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या उनकी वर्तमान स्थिति का संबंध उनके हृदय की कार्यप्रणाली या मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह से है। अस्पताल द्वारा जारी अनौपचारिक अपडेट के अनुसार, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और वे डॉक्टरों के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी पूर्ण आराम की सलाह दी गई है।
एहतियातन निगरानी और वीआईपी सुरक्षा
जगदीप धनखड़ को फिलहाल एम्स के कार्डियो-न्यूरो सेंटर की गहन निगरानी इकाई (ICU) के पास एक विशेष कक्ष में रखा गया है। डॉक्टरों ने उन्हें 48 से 72 घंटों तक निरंतर निगरानी (Observation) में रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान उनके महत्वपूर्ण अंगों (Vital Organs) की कार्यक्षमता को लगातार मॉनिटर किया जाएगा। अस्पताल परिसर के बाहर और वार्ड के पास सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। केवल परिवार के सदस्यों और बहुत करीबी लोगों को ही उनसे मिलने की अनुमति दी जा रही है ताकि उनके आराम में कोई बाधा न आए और संक्रमण के खतरे को भी कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री और गणमान्य व्यक्तियों की प्रतिक्रिया
जैसे ही धनखड़ जी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सार्वजनिक हुई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों से भी बात की और उनके उपचार की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और देश के नागरिक उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके परिवार से संपर्क कर हाल-चाल जाना है।
स्वस्थ जीवन और सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव
जगदीप धनखड़ का सार्वजनिक जीवन बेहद सक्रिय रहा है। उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी वे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों में निरंतर भाग लेते रहे हैं। 74 वर्ष की आयु में उनकी इस सक्रियता के बीच अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से उनके आगामी कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि एक बार रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि उन्हें कब डिस्चार्ज किया जा सकता है। उनकी रिकवरी की गति और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की चिकित्सा योजना बनाई जाएगी। पूरा देश उनकी जल्द से जल्द स्वस्थ होकर वापसी की प्रतीक्षा कर रहा है।