Manu Bhakar

  मनु भाकर का जन्म18 फ़रवरी 2002 झज्जर, हरियाणा, भारत में हुवा पिता: रामकिशन भाकर, मर्चेंट नेवी में मुख्य अभियंता…
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मनु भाकर का जन्म18 फ़रवरी 2002 झज्जर, हरियाणा, भारत में हुवा
पिता: रामकिशन भाकर, मर्चेंट नेवी में मुख्य अभियंता थे।
माता: सुमेधा भाकर, एक स्कूल शिक्षिका।
शूटिंग में करियर
विशेषज्ञता: मनु भाकर एक खेल निशानेबाज हैं जो 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धाओं में माहिर हैं।
प्रारंभिक शुरुआत: उन्होंने 2016 में शूटिंग शुरू की और अपनी सटीकता और कौशल से जल्द ही अपना नाम बना लिया।
प्रशिक्षण: अपने कोच जसपाल राणा, जो एक पूर्व भारतीय निशानेबाज और कोच हैं, के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित किया गया।
उपलब्धियों
राष्ट्रीय सफलता:
2017 राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप: मनु ने कम उम्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए नौ स्वर्ण पदक जीते।
अंतर्राष्ट्रीय सफलता:
2018 आईएसएसएफ विश्व कप:
10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय निशानेबाजों में से एक बन गए।
2018 राष्ट्रमंडल खेल:
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता।
2018 युवा ओलंपिक खेल:
10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और यूथ ओलंपिक में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने।
एशियाई खेल 2018:
10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
2021 आईएसएसएफ विश्व कप:
व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में कई स्वर्ण पदकों के साथ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।
मान्यता एवं पुरस्कार
मनु भाकर को निशानेबाजी में उनकी उपलब्धियों के लिए कई प्रशंसाएँ मिली हैं, जिनमें विभिन्न खेल अधिकारियों से प्रशंसा और भारत सरकार से मान्यता भी शामिल है।
व्यक्तिगत रुचियाँ और पृष्ठभूमि
प्रारंभिक रुचियाँ: शूटिंग शुरू करने से पहले, मनु मुक्केबाजी, टेनिस और स्केटिंग सहित विभिन्न खेलों में शामिल थीं, जहाँ उन्होंने बाद में राष्ट्रीय पदक जीता।
शिक्षा: मनु अपने खेल करियर को अपनी शिक्षा के साथ संतुलित करती है और दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करती है।
मनु भाकर को भारतीय निशानेबाजी में सबसे प्रतिभाशाली युवा प्रतिभाओं में से एक माना जाता है, उनके सामने एक आशाजनक करियर है। कम उम्र में उनके समर्पण, कौशल और उपलब्धियों ने उन्हें भारत और उसके बाहर कई महत्वाकांक्षी एथलीटों के लिए प्रेरणा बना दिया है।

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