योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से कई शारीरिक और मानसिक लाभ मिल सकते हैं। यहां सात योग आसन (पोज़) हैं जिन्हें आप अपने दैनिक अभ्यास में शामिल कर सकते हैं:
ताड़ासन (माउंटेन पोज): अपने पैरों को एक साथ रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं, अपने पैरों के चारों कोनों से ग्राउंडिंग करें। अपनी रीढ़ को लंबा करें, अपने कंधों को आराम दें और अपने कोर को संलग्न करें। यह मुद्रा मुद्रा, संतुलन और शरीर की जागरूकता में सुधार करती है।
अधो मुख संवासन (डाउनवर्ड-फेसिंग डॉग पोज): अपने हाथों और घुटनों पर शुरू करें, फिर अपने कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं, एक उल्टा “वी” आकार बनाएं। अपनी हथेलियों को जमीन पर दबाएं, अपनी रीढ़ को लंबा करें और अपनी गर्दन को आराम दें। यह मुद्रा पूरे शरीर को फैलाती है, बाहों और पैरों को मजबूत करती है और मन को ऊर्जावान बनाती है।
भुजंगासन (कोबरा पोज): अपने पेट के बल लेट जाएं, अपने हाथों को अपने कंधों के पास रखें, और अपनी कोहनियों को थोड़ा मुड़ा हुआ रखते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं। अपने कंधों को आराम दें और आगे देखें। कोबरा पोज़ पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में सुधार करता है और तनाव को दूर करने में मदद करता है।
वृक्षासन (ट्री पोज): सीधे खड़े हो जाएं और अपना वजन एक पैर पर रखें। घुटने के जोड़ से बचते हुए दूसरे पैर के तलवे को अपनी भीतरी जांघ या बछड़े पर रखें। अपने हाथों को अपने हृदय केंद्र पर लाएं और अपना संतुलन पाएं। वृक्षासन पैरों को मजबूत बनाने और कूल्हों को खोलने के साथ फोकस, संतुलन और स्थिरता में सुधार करता है।
उत्तानासन (स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड): पैरों को कूल्हे-चौड़ाई से अलग करके खड़े हो जाएं और कूल्हों से आगे की ओर झुकें, जिससे आपका ऊपरी शरीर आपके पैरों की ओर आराम कर सके। जरूरत पड़ने पर आप अपने घुटनों को मोड़ सकते हैं। अपनी कोहनियों को पकड़ें और अपने सिर को लटकने दें। यह मुद्रा हैमस्ट्रिंग को फैलाती है, मन को शांत करती है और रीढ़ में तनाव को दूर करती है।
सेतु बंधासन (ब्रिज पोज): अपनी पीठ के बल लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को कूल्हे-चौड़ाई से अलग रखें। अपने पैरों और बाहों को जमीन में दबाएं, अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं और अपनी उंगलियों को अपनी पीठ के निचले हिस्से के नीचे लगाएं। ब्रिज पोज छाती और कंधों को खोलते हुए पीठ, ग्लूट्स और हैमस्ट्रिंग को मजबूत करता है।
शवासन (लाश मुद्रा): अपनी पीठ के बल सीधे लेट जाएं, अपनी भुजाओं को बगल में रखें और अपनी आंखें बंद कर लें। अपने पूरे शरीर को आराम दें और अपने आप को स्थिर रहने दें। गहरी, आराम से सांस लेने पर ध्यान दें। सवासन विश्राम को बढ़ावा देता है, तनाव और चिंता को कम करता है और शरीर और मन को फिर से जीवंत करता है।
अपने शरीर को सुनना याद रखें, अपनी सीमा के भीतर अभ्यास करें, और आवश्यकतानुसार पोज़ को संशोधित करें। उचित संरेखण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी योग्य योग शिक्षक से सीखना या योग कक्षाओं में भाग लेना हमेशा फायदेमंद होता है।