जब गाड़ी का हॉर्न बजाया जाता है। तब ध्वनि के साथ साथ वायु प्रदूषण भी होता है।जिससे का असर पर्यावरण पर होता है। हॉर्न होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सीएसआई आर -निरि केवैज्ञानिक इस पर अध्यन कर रहे है । सुरक्षित यातायात के लिए काम करने वाली संस्ताओ से उनोने बात चित करने जा रही है । गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड ,नाइट्रोजन ,ऑक्साइड ,हाइड्रोकार्बन ,लेड ऑक्साइड प्रमुख है जो वायूमंडल को प्रदूषित करता है ।
कार ,टेक्सी ,स्कूटर ,और साथ ही दूसरी दो पहिया वाली गाड़ी पेट्रोल और डीजल से चलती है। दूसरी तरफ लाउडस्पीकर ,रेड्यो से ध्वनि प्रदूषण होता है । इसके कारण अपनी सेहत परकाफी असर पड़ता है। दिमाग से जुडी बीमारिया नींद न आना ,पेट में पल रहे है बच्चे पर की धड़कन पर और साथ बच्चा पैदा होने से कई समस्या जन्म ले लेती है। अभी फिलाल में तीन मुख्य बिंदु पर ध्यान दिया जा राह है जिसमे ट्रेफिक सिंगनल पर कम से कम हॉर्न बजे या न बजे।वही ध्वनि प्रदूषण पर कंट्रोल करने के लिए कई स्तर कोशिस की जा रही है ।अलग अलगसंगठन के साथ चर्चा हो रही है ।इसके अलावा कार्यशाला के जरिये मिले सुझाव पर विचार किया जा रहा है ।