देश के महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद का नाम आज भी बड़े गर्व से लिया जाता है. आज उनकी पुण्यतिथि है, इस मौके पर देश और दुनिया के लोग सोशल मीडिया पर उन्हें याद कर रहे हैं. 27 फरवरी 1931 को वह अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे. उनकी शहादत को आज भी देशवासी बड़ी शान से देखते हैं. कहा जाता है कि वह आजादी के लिए इतना दीवाने थे कि जब वह महज 15 साल के थे, तो गांधीजी से प्रभावित होकर उनके असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए थे. उन्होंने देश को आज़ाद करने का सपना देखा था. कहा जाता है कि जज को उन्होंने एक बार बताया था कि उनका नाम आज़ाद है, पिता का नाम स्वतंत्रता और घर का पता जेल है.
Nation🇮🇳 pays tribute to the great freedom fighter #ChandrashekharAzad on his death anniversary.
As a member of HSRA, he was instrumental in flaring up the idea of revolution against the British government
📽️#Watch this video to know more about the brave son of mother India👇 pic.twitter.com/aeP1mgtcKY
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) February 27, 2023
महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाबरा गांव में हुआ था. उनका पूरा नाम चंद्रशेखर तिवारी था. उन्होंने देश के लिए अपना नाम चंद्रशेखर आज़ाद रख लिया था. देशवासी सोशल मीडिया पर उन्हें याद कर रहे हैं.कहा जाता है कि चंद्रशेखर आजाद दिल से अपने वतन से प्यार करते थे. आज़ाद भारत में रहना चाहते थे. आज उनकी शहादत के कारण ही हम स्वतंत्र हैं. ऐसे वीर को दिल से सलाम.