भारतीय संस्कृति में प्रतिदिन सुबह में स्नान करने का प्रचलन सदियों पुराना है. अपने देश में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने को तो और भी महत्व दिया जाता है. प्रतिदिन स्नान को पौराणिक मान्यता भी प्राप्त है. पर्व-त्योहारों के दिन तो सुबह में स्नान करने को बेहद जरूरी माना जाता है. पूर्णिमा या अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर हरिद्वार से लेकर इलाहाबाद और दूसरे शहरों में गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ जाती है. ऐसे में भारत में स्नान के महत्व का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.”
आमतौर पर भारत के लोग दुनिया में सबसे ज्यादा नहाने वालों में शुमार किये जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के चलते औसत भारतीय लोग तकरीबन रोज नहाते हैं. क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसा करके उनका तन और मन ना केवल तरोताजगी से भर उठता है बल्कि ऐसा करके वो अपने शरीर को पवित्र कर लेते हैं. बहुत से भारतीय इसलिए रोज नहाते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि रोज पूजा-पाठ के लिए नहाना हर हाल में जरूरी है. लेकिन साइंस कुछ और ही कहती है.
साइंस मानती है कि अगर आप रोज नहाते हैं तो अपना नुकसान कर रहे हैं साथ ही प्रतिरोधक क्षमता का भी कम कर रहे हैं. दुनियाभर के स्किन स्पेशलिस्ट मानते हैं कि अगर ठंड में रोज नहीं नहा रहे हैं तो अच्छा ही कर रहे हैं. जरूरत से ज्यादा नहाना हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. वैसे गर्मियों में रोजाना नहाना सभी को अच्छा लगता है लेकिन सर्दियो में बाथ किसी चुनौती से कम नहीं.”
कई स्टडीज में साबित हो चुका है कि स्किन में खुद को साफ करने की बेहतर क्षमता होती है. अगर आप जिम नहीं जाते या रोजाना पसीना नहीं बहाते, धूल-मिट्टी में नहीं रहते तो आपके लिए रोजाना नहाना जरूरी नहीं है.
गरम पानी से भी नहाना करता है नुकसान
अगर सर्दियों में गरम पानी से देर तक नहाते हैं तो ये फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला है. इससे स्किन ड्राई हो सकती है. इससे शरीर का नेचुरल ऑयल निकल जाते हैं. शरीर का ये नेचुरल ऑयल हम सभी के लिए बहुत जरूरी है. ये प्रतिरोधक क्षमता का भी काम करता है. साइंस के अनुसार ये ऑयल आपको मॉइश्चराइज्ड और सुरक्षित रखने में सहायक होता है.
जॉर्ज वॉशिंग्टन यूनिवर्सिटी (वॉशिंगटन डीसी, यूएस) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर सी ब्रैंडन मिशेल का कहना है कि नहाने से स्किन के नेचुरल ऑयल निकल जाते हैं जिससे गुड बैक्टीरिया भी हट जाते हैं. ये बैक्टीरिया
इम्यून सिस्टम को भी सपॉर्ट करते हैं. इसलिए सर्दियों में हमें हफ्ते में दो या तीन दिन ही नहाना चाहिए.
अमेरिकी विश्वविद्यालय द यूनिवर्सिटी ऑफ उतह के जेनेटिक्स साइंस सेंटर के एक अध्ययन के अनुसार, “ज्यादा नहाना हमारे मानव शरीर के सुरक्षातंत्र को नुकसान पहुंचाता है. रोगाणुओं-विषाणुओं से लड़ने वाली क्षमताएं कमजोर पड़ जाती हैं. खाना पचाने और उसमें से विटमिन व अन्य पोषक तत्वों को अलग करने की क्षमता भी प्रभावित होती है.