हरा-भरा और रंग बिरंगे फूलों से सजा गार्डन या घर भला किसे पसंद नहीं होता है, आजकल अधिकतर लोग अपने छोटे घरों को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए फूलों और छोटे-छोटे पौधों से सजाना पसंद करते हैं और वहीं कुछ लोग गार्डनिंग के भी शौकीन होते हैं, लेकिन कई बार पौधों में महंगे फर्टिलाइजर लगाने और ख्याल रखने के बाद भी अपने गार्डन को मेंटेन नही कर पाते हैं. यह समस्या सर्दियों के मौसम में ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि इस मौसम में छोटी-छोटी गलतियां भी पौधों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं, ऐसे में मन बहुत परेशान हो जाता है.
लेकिन, अगर आप सर्दियों के मौसम में अपने गार्डन को फूलों से सजाना चाहते हैं तो हम आपके लिए कुछ बेहद आसान और किफायती उपाय लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने पौधों की ग्रोथ बढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं,
पौधों में ड्रेनिंग सिस्टम बनाएं –सर्दियों के मौसम में पौधों को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है, अधिकतर लोग सर्दी के मौसम में यह गलती कर जाते हैं. सर्दी में फूलों के पौधे में ज्यादा पानी रुकने से जड़े गल जाती हैं और फूल खराब हो जाते हैं. इससे बचने के लिए गमलों के नीचे छोटे-छोटे छेद कर दें ताकि पानी जड़ों तक जाए लेकिन रुके ना.
कॉफी के बीजों का इस्तेमाल –कॉफी के बीज आसानी से घर या मार्केट में उपलब्ध होते हैं. जिनका इस्तेमाल पौधों में बेहतरीन फर्टिलाइजर के रूप में किया जा सकता है. कॉफी के बीजों को पीसकर मिट्टी में मिला देने से पौधों की ग्रोथ बढ़ती है और कीड़े और चीटियां दूर होती हैं.”
दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल करें –सर्दियों का मौसम फूल उगाने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है, लेकिन फूलों में अक्सर फंगस और कीड़ों का खतरा रहता है. इसीलिए फूलों के पौधों में दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद साबित होता है. दालचीनी पाउडर पौधों के लिए प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है. दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल करते समय उसकी मात्रा का खास ख्याल रखें, छोटे पौधों में मात्रा कम ही रखें.
प्याज के छिलकों का इस्तेमाल –सर्दियों के मौसम में फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए केमिकल युक्त फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करने के बजाय घर में मौजूद बेकार प्याज और लहसुन के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. लहसुन और प्याज के छिलकों को पानी में डुबाकर 2 से 4 दिन के लिए छोड़ दें और बाद में छानकर पौधों में डाल दें.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं.